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रिया चक्रवर्ती को 28 दिन बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने दे दी जमानत

 

रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। उन्होंने करीब 1 महीना भायखला जेल में बिताया। अगर शाम तक पेपरवर्क पूरा हो जाता है तो रिया चक्रवर्ती आज (7 अक्टूबर) को रिहा हो जाएंगी। 'टाइम्स नाऊ' की रिपोर्ट के मुताबिक, रिया के बेल ऑर्डर में कोर्ट ने साफ शब्‍दों में यह माना है कि रिया चक्रवर्ती किसी भी ड्रग डीलर्स की चेन का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में उन्‍हें जेल में रखना उचित नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, NCB की जो चैट्स मिले थे उसके हिसाब से रिया पर आरोप था कि रिया ड्रग कार्टेल से लिंक है। वहीं कोर्ट में इसके सुबूत ना दे पाने की वजह से रिया पर आरोप साबित नहीं हो पाए। एनसीबी ने रिया पर जिन सेक्शंस के तहत ऐक्शन लिया था वो कोर्ट में साबित नहीं हो पाए। बेल ऑर्डर्स में लिखा है, यह बात ध्यान देने वाली है कि जब याचिकाकर्ता पहली रिमांड पर कोर्ट के सामने पेश हुई थी तो जांच एजेंसी ने उनकी कस्टडी की मांग नहीं की थी। इसका मतलब है कि वे जांच से संतुष्ट थे और उन्होंने (याची ने) जांच में सहयोग किया था।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सिलेब्रिटीज को विशेष दायित्व के साथ सजा नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने यह भी माना है कि रिया किसी ड्रग डीलर्स की चेन का हिस्‍सा नहीं हैं। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा है, 'स्‍पेशल कोर्ट के जज ने यह टिप्‍पणी की कि रिया दूसरे लोगों और सबूतों को क्षति पहुंचा सकती हैं, जबकि ऐसे किसी अवलोकन की कोई जरूरत नहीं है। यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि जब याचिकाकर्ता को कोर्ट के सामने पहले रिमांड के लिए लाया गया तो जांच एजेंसी ने उसकी कस्‍टडी नहीं मांगी। इसका मतलब है कि एजेंसी अपनी पूछताछ से संतुष्‍ट है और याचिकाकर्ता ने जांच में पूरा सहयोग किया है।'

कोर्ट ने अपने फैसले में आगे लिखा है, 'जांच में याचिकाकर्ता या सुशांत सिंह राजपूत के घर से कोई ड्रग बरामद नहीं हुआ। यह उनका अपना केस है कि आरोपी ने ड्रग्‍स लिए हैं और इसमें कोई बरामदगी नहीं है। ऐसे में इस मौके पर यहां फिलहाल कुछ भी ऐसा दिखाने को नहीं है जो साबित करे कि याचिकाकर्ता ने कोई गुनाह किया है या वह अवैध व्‍यापार में शामिल है। बहुत से बहुत यह तर्क है कि वह अवैध व्‍यापार में शामिल है, लेकिन इसमें धारा 37 के तहत ऐसे पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई है। ऐसे में कोर्ट इस तर्क से सहमत और संतुष्‍ट है कि याचिकाकर्ता धारा 19, 24 या 27ए के तहत या अवैध सामान के व्‍यापार में शामिल होने की दोषी नहीं है। वह किसी ड्रग डीलर्स के चेन का हिस्‍सा नहीं है।'

रिया को NDPS Act 1985 के सेक्शंस 8 (c) r/w 20 (b) (ii), 25, 27 A, 28 & 29 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले एनसीबी ने रिया की जमानत याचिक के खिलाफ एफिडेविट्स दिए थे। ये NCB जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने दिए थे। इनमें लिखा था कि रिया के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं जिनसे साबित हो सकता है कि वह ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल थीं।

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