छत्तीसगढ़

अतिक्रमित शासकीय भूमि की व्यवस्थापन प्रक्रिया होंगी जल्द शुरू

बलौदाबाजार
नगरीय क्षेत्रों के अनुपयोगी,अतिक्रमित 75सौ वर्ग फिट तक शासकीय भूमि की व्यवस्थापन आदि का कार्य पुन: प्रारंभ करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिये है। आज जिला कलेक्टर सुनिल जैन ने सभी एसडीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार की प्रथमिकता वाली कामों में शामिल है। इन कामों पर जरा भी लापरवाही ना बरतें।

कलेक्टर ने 75 सौ वर्ग फिट तक के अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन में राज्य सरकार के गाईड लाइन का कड़ाई से पालन करते हुए व्यवस्थापन निष्पक्ष कार्रवाई सुनश्चित करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिये गए है। इसके साथ ही इन भूमियों के चयन में भी विशेष सावधानी बरतें, यह सुनिश्चित कर लिया जाय की भूमि पर किसी अन्य शासकीय प्रयोजन की दृष्टि से वह अनुपयोगी हो ग्राम एवं नगर निवेश विभाग के द्वारा तय मापदंडों के अनुसार व्यवस्थापन के अनुकूल भूमि होना आवश्यक है। सभी एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी 9 नगरीय निकायों में अतिक्रमित भूमि सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। जिसमें 2 हजार 21 प्रकरणों का चिन्हांकित कर लिया गया है। बलौदाबाजार नगर 1 सौ 95,पलारी 1 सौ 90, लवन 1सौ 94, भाटापारा 3 सौ 8,सिमगा 3 सौ68,  टुण्ड्ररा 1सौ 57, कसडोल 2 सौ71,भटगाँव 3 सौ 7 बिलाईगढ़ 31 चिन्हांकित कर लिया गया हैं। जिसे आगे सहमति पत्र एवं आवेदन संग्रहण कर प्रकरण तैयार किये जा रहे है। साथ ही शासन की नई नीति के तहत 15 साल का एकमुश्त भू भाटक शुल्क  जमा करने पर 30 साल का लाभ दिया जा रहा है। शासन के इस योजना का भी प्रचार प्रसार एसडीएम के माध्यम से सुनिश्चित करने कहा गया है। भू- भाटक के प्रकरणों में सभी एसडीएम से बाकी बचें हुए वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। लंबित प्रकरणों मे छूट का लाभ नही दिया जायेगा।

पुराने लंबित प्रकरणों का पहले हो निराकरण कलेक्टर ने विवादित बटवारा, नामान्तरण,सीमांकन,बटांकन आदि के प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए लंबित पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ पहले निराकरण  करने के निर्देश सभी एसडीएम  को दिए है। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों के शत प्रतिशत प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज करने निर्देशित किया गया है।

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