छत्तीसगढ़बिलासपुर

अरपा प्रोजेक्ट से बदलेगी तस्वीर, सौंदर्यीकरण के साथ नदी होगी प्रवाहमान

बिलासपुर
अरपा नदी के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिये क्रियान्वित की जा रही अरपा प्रोजेक्ट से बिलासपुर शहर की तस्वीर बदलेगी। सौंदर्यीकरण के साथ-साथ बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी सतत् प्रवाहमान होगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिये कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में तेजी से कार्य हो रहा है।

अरपा नदी को संरक्षित, संवर्धित करने और इसके सौंदर्यीकरण के लिये मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कार्य प्रारंभ हो चुका है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अरपा नदी के दोनों किनारों में शहर में 1800-1800 मीटर स्मार्ट सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ये सड़कें रिवर व्यू की तर्ज पर बनायी जा रही है। जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। शहर में पुल के इस ओर सिक्सलेन सड़क और दूसरी ओर सरकंडा क्षेत्र में फोरलेन सड़क बनायी जायेगी। सर्वसुविधायुक्त सड़कों में पैदल एवं सायकल यात्रियों के लिये पर्याप्त जगह होगी। स्ट्रीट लाईट, सोलर लाईट लगाये जायेंगे। रोड के किनारे नाली निर्माण होगा, जिससे शहर के गंदे पानी की निकासी होगी। जल संरक्षण के लिये सड़क किनारे रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाये जायेंगे। जिससे वर्षा का जल सीधे नदी में प्रवाहित होगा। बिजली, पानी व केबल के लिये अंडरग्राउण्ड डक्ट बनाये जायेंगे। स्मार्ट सड़क में गार्डन और पार्किंग की सुविधा भी रहेगी। इन निर्माण कार्यों पर 95 करोड़ की राशि खर्च होगी, जिसके लिये टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। अरपा के दोनों ओर निमार्णाधीन सड़कों के स्थल पर मौजूद कब्जाधारी परिवारों का सुरक्षित विस्थापन किया जा रहा है।

नदी किनारे हरियाली लाने और नदी के संरक्षण के लिये वन विभाग ने बड़ी योजना बनायी है। नदी के तटबंधों का विकास और किनारों पर हरित पट्टी का विकास किया जायेगा। जिससे नदी कटाव भी रूकेगा। वन विभाग के कैम्पा मद से नदी किनारे 3 लाख पौधे लगाये जायेंगे। बिलासपुर, रतनपुर और बेलगहना रेंज में पौधारोपण का कार्य अगले महीने से शुरू किया जायेगा। अरपा नदी से जुड?े वाले सभी नालों का उपचार कर नदी को पुनर्जीवित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके लिये बिलासपुर वन मंडल द्वारा अरपा नदी के सहायक 21 नालों का चयन किया गया है। जहां लगभग 9033.737 हेक्टेयर में कैचमेंट ट्रीटमेंट किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में नदी किनारे शनिचरी रपटा से छठघाट तक पौधरोपण की योजना भी जिला प्रशासन द्वारा बनायी गयी है।

सूखी अरपा नदी में साल भर पानी रहे, इसके लिये दो बैराज निर्माण की योजना तैयार की गयी है। ये दोनों बैराज लगभग 49-49 करोड़ रुपए की लागत के होंगे। जिसके लिये डीपीआर तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा गया है। ये बैराज शहर के बीच पचरीघाट और शिवघाट पर बनाये जायेंगे। इन दोनों बैराजों के निर्माण से शहर के जल स्तर में भी सुधार होगा।

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