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अवैध सॉफ्टवेयर से रिजर्वेशन प्रणाली में सेंध,RPF के हत्थे चढ़े

नई दिल्ली
त्योहारी सीजन (Festive Season) के लिए रेलवे ने कुछ विशेष ट्रेनों (Special trains) को चलाने की घोषणा क्या की, रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली (Reservation System) में सेंध लगाने वाले सक्रिय हो गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल RPF ने एक ऐसे ही गैंग का पता लगाया है जो कि रियल मैंगो (Real Mango) नाम के सॉफ्टवेयर की सहायता से रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली (Railway Reservation System) में सेंध लगाते थे। इस वजह से असली पैसेंजर ताकते रह जाते थे और दलाल सारा कन्फर्म टिकट (Confirm Ticket) हथिया लेते थे। रेलवे का दावा है कि इस गैग का पर्दाफाश हो चुका है और सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया (fully decimated) है।

RPF ने चलाया देशव्यापी जांच अभियान
रेलवे बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार कोरानो काल (Corona Time) में ही यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद टाउटिंग गतिविधि में वृद्धि की आशंका थी। इसी को देखते हुए RPF ऐसे दलालों के खिलाफ अभियान तेज किया था। आरपीएफ की फील्ड इकाइयों द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान 09.08.2020 को "Rare Mango" सॉफ्टवेयर का पता चला। दलालों के गैंग ने इसी सॉफ्टवेयर का नाम बाद में बदल कर "Real Mango" कर दिया। इस गैंग का कारोाबर उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से चल रहा था।

कई जगह हो रहा था इस साफ्टवेयर का उपयोग
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार इस सॉफ्टवेयर का उपयोग उत्तर मध्य रेलवे (NCR), पूर्व रेलवे (ER) और पश्चिमी रेलवे (WR) में हो रहा था। वहां की RPF इकाइयों ने कुछ संदिग्धों को पकड़ा और RareMango /Real Mango सॉफ्टवेयर प्रणाली को समझना शुरू किया। पता चला कि यह गैर कानूनी सॉफ्टवेयर रेलवे रिजर्वेशन प्रणाली के नियमों को ही धता बता रहा था।

ऐसे दिखा रहा था ठेंगा
रियल मैंगो सॉफ्टवेयर रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम के V3 और V2 कैप्चा को बायपास कर रहा था। यही नहीं, यह मोबाइल ऐप की मदद से बैंक OTP को सिंक्रोनाइज़ करता था और इसे अपेक्षित रूप में आटोमेटिकली फीड कर देता था। सॉफ्टवेयर रेलवे के सर्वर में यात्रियों के नाम और उम्र तथा पेमेंट डिटेल भी आटोमेटिक तरीके से भर रहा था। मैनुअली यह सब काम करने में काफी समय लगता है। यही नहीं, यह सॉफ्टवेयर IRCTC के कई Ids के माध्यम से IRCTC वेबसाइट पर लॉग इन करने में सक्षम था।

40 लोग पकड़े गए हैं
आरपीएफ का दावा है कि इस गैंग से जुड़े 40 लोगों को पकड़ा गया है। इनमें इस सिस्टम को डेवलप करने वाला सरगना (System Developer) और कई मैनेजर भी शाामिल हैं। साथ ही 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य के अवैध रूप से हथियाए गए टिकटों को भी ब्लॉक किया गया है। सहित अब तक 40 अपराधियों को पकड़ने में सक्षम हो गई हैं और 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य के लाइव टिकटों को ब्लॉक करते हैं। अवैध सॉफ्टवेयर के पांच प्रमुख गुर्गों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। रेलवे का कहना है कि सॉफ्टवेयर अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

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