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आइसक्रीम के पैकेट पर 10 रुपये ज्यादा वसूलना अब पड़ा महंगा,दो लाख रुपये का जुर्माना

मुंबई
मुंबई के शगुन वेज रेस्तरां को छह साल पहले एक आइसक्रीम के पैकेट पर 10 रुपये ज्यादा वसूलना महंगा पड़ गया। जिला फोरम ने रेस्तरां पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा ग्राहक को मुआवजा देने का आदेश दिया है। फोरम ने कहा कि रेस्तरां 24 सालों से हर रोज लगभग 40 से 50 हजार रुपये कमा रहा है। ऐसे में साफ है कि रेस्तरां ने एमआरपी से अधिक चार्ज करके लाभ कमाया है। जिला फोरम ने दो लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने का आदेश देते हुए कहा कि रेस्तरां और दुकानों की ओर से इस तरह से धोखाधड़ी और बेईमानी करके कारोबार करना उचित नहीं है।

बता दें कि रेस्तरां ने सब इंस्पेक्टर भास्कर जाधव से आइसक्रीम के एक फैमली पैक के लिए 165 रुपये की जगह 175 रुपये वसूल किया था। इस पर जाधव ने 2015 में दक्षिण मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में शिकायत की। शिकायत में जाधव ने कहा कि वह 8 जून 2014 की रात को डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन से घर जा रहे थे। इस दौरान वह रेस्तरां में रुके और परिवार के लिए आइसक्रीम खरीदी। जाधव ने बताया कि उन्हें एक ही कीमत में दो फैमिली पैक मिले हैं, लेकिन 10 रुपये अतिरिक्त चार्ज देखकर वह चौंक गए।

रेस्तरां में नहीं सुनी गई शिकायत
जाधव ने जिला उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर रेस्तरां में विरोध किया लेकिन वहां किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि उन्होंने काउंटर से आइसक्रीम खरीदी थी और रेस्तरां में प्रवेश भी नहीं किया था। रेस्तरां ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आइसक्रीम को स्टोर करने के लिए 10 रुपये अधिक कीमत वसूली गई थी।

एक्स्ट्रा चार्ज वसूलना उचित नहीं
जिला मंच ने कहा कि जाधव ने रेस्तरां की किसी भी सेवा का लाभ नहीं उठाया जैसे कि वेटर से पानी मांगना, फर्नीचर का इस्तेमाल करना, पंखे या एयर कंडीशनर के नीचे खुद को ठंडा करना आदि। चूंकि माउथ फ्रेशनर आमतौर पर बिल के साथ परोसा जाता है। इसलिए, फोरम ने कहा कि एक्स्ट्रा चार्ज करना उचित नहीं था।

 

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