छत्तीसगढ़

आजीविका के अवसर बढ़ाने बायोटेक किसान हब की शुरूआत

रायपुर। किसानों की आजीविका में सुधार के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के पौध जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के माध्यम से कांकेर में बायोटेक किसान हब की स्थापना की गई है। जिससे खेती-किसानी को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि किया जा सके।
बायोटेक किसान हब के अंतर्गत कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कांकेर जिले के ग्राम खैरखेड़ा, कापसी, टूराखार, पुसवाड़ा एवं चोरिया में किसानों को फसल बुवाई की उन्नत विधि, जैविक विधि, और तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ सुडोमोनास से बीजोपचार इत्यादि का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही धान के विभिन्न उन्नत किस्मों जैसे सूखा सहनशील किस्म इंदिरा बरानी एवं इंदिरा एरोबिक और भूरा माहू कीट प्रतिरोधी क्षमता के साथ-साथ पोषक प्रचूर धान की किस्म जिंको राइस एम. एस. (26-28 पी पी एम जिंक) छत्तीसगढ़ जिंक राईस 2 एवं प्रोटेजिन जैसे किस्मों का धान 20 हेक्टेयर रकबे में प्रदर्शन किया जा रहा है।

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