भोपालमध्यप्रदेश

आज से खुले धर्म स्थल, बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों को नहीं मिलेगा प्रवेश

भोपाल
करीब 80 दिन लंबे इंतजार के बाद मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज से सभी धर्म स्थल खुल रहे हैं, सभी धर्म स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ तमाम नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले, 8 जून को मंदिर खोले जाने को लेकर प्रशासन और धर्मगुरुओं ने आपत्ति जाहिर की थी. दो दिन पहले हुई बैठक में सभी धर्मो के गुरुओं और प्रशासन के बीच बनी सहमति के बाद धार्मिक स्थल खोलने का फैसला लिया गया था.लेकिन मंदिर में पूजा, गुरुद्वारे में गुरु वाणी, चर्च में कैरोल सिंगिंग और मस्जिद में वजू की अनुमति नहीं है.

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च सहित सभी धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना, अरदास, नमाज को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं. निर्देशों के तहत, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गयी है.  इसके साथ ही धार्मिक स्थल में काम करने वाले पुजारी, कर्मचारियों और श्रदालुओं को सावधानी बरतने को कहा गया हैं. सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजर, गलब्स, मास्क और 6 फुट का डिस्टेंस अनिवार्य किया गया है.

भोपाल जिले में आज 15 जून से कंटेनमेंट इलाके को छोड़ सभी क्षेत्रों के धार्मिक स्थल खोले जा रहे हैं. लेकिन भक्तों को मूर्ति या धार्मिक ग्रंथों के स्पर्श करने की मनाही होगी. साथ ही, पूजा साम्रगी में फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चुनरी, तिलक लगाना, कलावा बांधने और मंदिर में घंटी बजाने पर  मनाही रहेगी. वहीं, सैनिटाइजर छिड़काव की  व्यवस्था मंदिर प्रबंधन को करनी होगी. संख्या से अधिक भीड़ इकट्ठा करने और भजन गाने की अनुमति नहीं होगी. सभी तरह के लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी. सभी धार्मिक स्थलों में किसी भी प्रकार के समारोह के आयोजन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

धार्मिक स्‍थलों में इन बातों का भी रखना होगा ध्‍यान
1- पूजा स्थल पर  6 फीट का फिजिकल डिस्टेंस का पालन किया जाना अनिवार्य होगा.

2- मंदिरों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की मशीन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए.

3- जिस व्यक्ति में सर्दी, खांसी, बुखार आदि जैसे लक्षण पाए जाएंगे उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

4- बिना मास्क और फेस कवर किए बिना धार्मिक स्‍थलों में प्रवेश नहीं मिलेगा.

5- मंदिर में आने से पहले जूते-चप्पलों को गाड़ी में रखकर आना होगा या किसी अन्य स्थान पर रखकर आना होगा.

6- प्रवेश के लिए कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी होना अनिवार्य होगा.

7- अभिवादन के लिए एक दूसरे का स्पर्श नहीं करना होगा.

8-गुरुद्वारे में गुरु वाणी की अनुमति नहीं

9-चर्च में कैरोल सिंगिंग की भी नहीं मिली अनुमति

10-मस्जिद में वजू की इजाज़त नहीं.

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