उत्तर प्रदेशराज्य

इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर रोड टैक्स में छूट, योगी सरकार का फैसला

 लखनऊ 
उत्तर प्रदेश में पहले एक लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी जबकि थ्री व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी।

मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया। वर्तमान में ऑटोमोबाइल उद्योग से उत्पन्न प्रदूषण को कम करने की दृष्टि से सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित कर रही है। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिये जाने एवं प्रदूषण की रोकथाम के उद्धेश्य से औद्योगिक विकास विभाग द्वारा ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019' लागू की गई है।

इस नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण तथा इसके प्रोत्साहन के लिए इस तरह की छूट प्रदान करने का प्राविधान किया गया है। हैण्ड सैनिटाइजर के लिए अल्कोहल प्राथमिकता पर उपलब्ध रहेगी: प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट से निपटने में मददगार साबित हो रहे हैण्ड सैनिटाइजर के उत्पादन के लिए अल्कोहल को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाए जाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में इस बाबत आए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

प्रदेश में शराब और बीयर के साथ ही अब वाइन भी महंगी हो जाएगी। कैबिनेट की बैठक में शराब व बीयर की ही तरह वाइन की बिक्री पर भी कोरोना विशेष प्रतिफल शुल्क लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव में कहा गया है कि 500 मिलीलीटर की मात्रा वाली वाइन की बोतल पर 50 रुपये व इससे अधिक मात्रा वाली वाइन की बोतल पर विशेष प्रतिफल शुल्क लगाया जाएगा।

मिर्जापुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन का रास्ता साफ: प्रदेश सरकार ने मिर्जापुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन देने का रास्ता साफ कर दिया है। मंत्रिपरिषद ने केन्द्रीय विद्यालय स्थापित किए जाने को नि:शुल्क जमीन हस्तान्तरित करने का निर्णय लिया है।

वेतन पुनरीक्षण का लाभ
प्रयागराज स्थित राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय व लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, उप कुलसचिव, उप वित्त अधिकारी, उप परीक्षा नियंत्रक व सहायक कुलसचिव, सहायक वित्त अधिकारी, सहायक परीक्षा नियंत्रक को वेतन पुनरीक्षण योजना का लाभ दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के चार कर्मचरियों को अब छठे वेतनमान के हिसाब से वेतन व भत्ते मिलेंगे। निगम के यह वह कर्मचारी हैं जो उच्च न्यायालय के आदेशों के दायरे में आते हैं। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस बाबत आए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

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