ग्वालियरमध्यप्रदेश

इस्तीफा देने के बाद भी करैरा MLA कर रहे विधायक प्रतिनिधि की नियुक्ति

शिवपुरी
जीवन में पहली बार तो विधायक बने और विधायक बनने के बाद कांग्रेस की 15 वर्षों बाद सरकार भी बनी लेकिन इस कांग्रेस सरकार का महज 15 माह का राजभोग करने के बाद ऐसा परिवर्तन आया कि करैरा के क्षेत्रीय विधायक जसवंत जाटव को करीब 4 माह पूर्व ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और इस इस्तीफे के बाद भी उनका विधायकी से मोह नहीं छूट रहा। यही कारण है कि उन्होंने बीती 23 जून के रोज दतिया कलेक्टर को एक नियुक्ति पत्र जारी कर कर अपना विधायक प्रतिनिधि श्यामपाल सिंह परमार निवासी ग्राम बिल्हारी को करैरा विधानसभा के साथ-साथ दतिया की सटी सीमा से लगे करीब 10 ग्राम पंचायत दतिया में आती है इन ग्राम पंचायतों में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और देखरेख को लेकर यह नियुक्ति की गई।

वहीं खास बात यह है कि चार माह पूर्व इस्तीफे देने के बाद भी जसवंत जाटव विधायक कैसे हो गए, उनक यह नियुक्ति पत्र तो इसी ओर इशारा करता है और यही नहीं बल्कि विधायक ने नियुक्ति पत्र देते हुए एक फोटो सेशन भी कराया है जिसमें वह अपने प्रतिनिधि की  नियुक्ति संबंधी लेटर देकर फोटो तक खिंचा रहे है। यह मामला जब सोशल मीडिया पर आया तो पूर्व विधायक जसवंत जाटव की खूब किरकिर हो रही है। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर दिए एक बयान में इस मामले से पल्ला झाड़ा है लेकिन यह नियुक्ति पत्र उनके इस अनैतिक कार्य की कलई खोल रहा है।

बताना होगा कि सोशल मीडिया पर जारी पूर्व विधायक जसवंत जाटव ने अपने लेटर पैड से जारी पत्र क्रं.923/2019 दिनांक 23 जून को कलेक्टर दतिया के नाम पत्र भेजकर श्यामपाल सिंह परमार को विधायक प्रतिनिधि उन ग्रामों का बनाया जो दतिया क्षेत्र की सीमा से लगे हुए गांव है। ऐसे में जब पूर्व विधायक जसवंत जाटव चार माह पहले ही अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके है तो फिर उन्हें यह अधिकार कहां से मिल गया कि वह विधायक पद का लेटर पैड इस्तेमाल कर अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर यह नियुक्ति कर रहे है जो कहीं ना कहीं उनकी ही हंसी का पात्र बन रही है।

 यह मामला सबदूर चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि यदि नियमों की बात करें तो कोई भी पूर्व विधायक किसी संवैधानिक पद पर विराजमान नहीं होता और ऐसे में उसे किसी भी तरह की किसी शासकीय विभाग या अन्य जगह विधायक प्रतिनिधि नियुक्ति करने का अधिकार भी नहीं होता। ऐसे में यह नियुक्ति भीअवैध है और प्रदाय किया गया कृत्य जिसमें विधायक जसवंट जाटव लिखा है वह भी अनैतिक कार्य है इस मामले की जांच होकर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही भी होना चाहिए।

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