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काबुल से रवाना हुआ भारतीय वायुसेना का एक और विमान, ‘मौत के मुंह’ से सुरक्षित वापस आ रहे 85 भारतीय

अफगानिस्तान अब तालिबान के कब्जे में है। काबुल एयरपोर्ट छोड़कर करीब-करीब हर जगह तालिबानी लड़ाकों की तैनाती है। फिलहाल एयरपोर्ट की सुरक्षा अमेरिकी सैनिकों के हाथों में है, जिसकी मदद से भारत भी अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट कर घर वापस ला रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री से सहयोग की अपील की थी।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, शनिवार को भी भारतीय वायु सेना (IAF) का C-130J विमान ने काबुल से 85 भारतीयों को निकाला। एएनआई ने घटनाक्रम से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बताया कि आईएएफ विमान ताजिकिस्तान में ईंधन भरने के लिए उतरा क्योंकि भारत सरकार के अधिकारी काबुल से भारत के नागरिकों को निकालने में मदद कर रहे हैं।अफगानिस्तान संकट के बीच काबुल में करीब एक हजार भारतीय फंसे हैं। अफगानिस्तान में फंसे करीब एक हजार भारतीयों को निकालने की चुनौती सरकार के सामने है। भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न भागीदार पक्षों के संपर्क में है। अभी तक भारतीय दूतावास से जुड़े लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन काफी संख्या में भारतीय नागरिक अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। सुरक्षा संबंधी क्लियरेंस मिलने के बाद भारतीय वायुसेना के विमान तुरंत काबुल के लिए रवाना होगा।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर लगातार नागरिक संपर्क कर रहे हैं। इन सभी को निकालने के लिए भारत सरकार काम कर रही है। वायुसेना के विमान द्वारा इन सभी को लाया जा सकता है। वायुसेना का विमान अभी तक 300 नागरिकों को ला चुका है, इनमें अधिकतर दूतावास से जुड़े हुए लोग थे।

दिनभर के प्रयासों के बाद एयरपोर्ट पहुंचे अधिकारी
इससे पहले सोमवार को जो लोग भारत वापस आए थे, उन्हें काबुल के राजनयिक क्वार्टर की रखवाली करने वाले तालिबान लड़ाकों ने वापस कर दिया था। बाद में पूरे दिन भारतीय पक्ष द्वारा गहन प्रयासों के बाद वे हवाई अड्डे पर पहुंचे। इन प्रयासों में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल थे। मंगलवार को लगभग 3 बजे उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ इस संबंध में अपनी चर्चा के बारे में ट्वीट किया।

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