छत्तीसगढ़

केंद्र सरकार ने किया जैम पोर्टल पर प्रत्येक सामान पर मूल देश लिखना अनिवार्य

रायपुर
कन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा सरकारी ई मार्किट प्लेस जैम पर बिक्री होने वाले प्रत्येक सामान पर वो सामान कहाँ निर्मित किया गया उसके मूल देश के नाम को लिखने को अनिवार्य बनाने पर श्री गोयल को धन्यवाद दिया।  कैट ने यह मांग श्री गोयल से 15 जून को भेजे एक पत्र में की थी जिसमें कैट ने कहा था की ई-कॉमर्स पोर्टलों पर बिकने वाले प्रत्येक सामान पर उसके निर्मित मूल देश की जानकारी देना आवश्यक किया जाए।

कन्फेडरेशन आॅफ आल इंडि?ा ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि केन्द्र सरकार के इस कदम को बेहद सराहनीय पहल बताते हुए कहा की इस तरह का प्रावधान देश में व्यापार कर रहे सभी ई-कॉमर्स पर भी सख्ती एवं आवश्यक रूप से लागू करना जरूरी है। चूँकि सरकार ने खुद ही अपने सरकारी पोर्टल पर इस कदम की शुरूआत की है यह एक तरीके से अपने घर से ही शुरूआत का बड़ा कदम है जिसको अब अन्य सभी ई-कॉमर्स पोर्टलों पर तुरंत लागू करना चाहिए ।

श्री पारवानी ने कहा की ज्यादातर सभी ई-कॉमर्स कंपनियां अपने पोर्टल्स पर चीनी सामानों को बड़े पैमाने पर बेच रही हैं और निर्मित मूल देश के प्रावधान के अभाव में ग्राहक को यह पता ही नहीं होता की वो भारतीय सामान खरीद रहा है या किसी अन्य देश में बना सामान खरीद रहा है जो निश्चित रूप से ग्राहकों की पसंद को बड़े पैमाने पर प्रभावित करता है।

श्री पारवानी ने कहा कि सरकार इसके साथ ही अपने आदेश में उत्पादों में स्थानीय उत्पाद के प्रतिशत को भी अनिवार्य रूप से लिखने का भी प्रावधान कर एक बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाया है जो खरीदने वालों को यह बताएगा की जो सामान वो खरीद रहे हैं उसमें कितना प्रतिशत भारतीय सामान का उपयोग हुआ है। इसी श्रंखला में सरकार ने जैम पोर्टल पर मेक इन इंडिया फिल्टर को भी अनिवार्य किया है जिससे खरीदारों को यदि भारतीय सामान की ही जरूरत है तो केवल उन्हें वो ही सामान दिखेगा जो भारत में निर्मित है। इससे खरीददारों को केवल उन उत्पादों को चुनने या खरीदने के लिए प्रेरणा मिलेगी जिसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत स्थानीय उत्पाद का उपयोग हुआ हो।

श्री पारवानी ने कहा कि अब ई-कॉमर्स पोर्टलों को भी चाहिए कि वे अपने संबंधित पोर्टलों में इस प्रावधान को शामिल करें ताकि ग्राहकों को पता चल सके कि वे किस देश का उत्पाद खरीद रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि अन्य ई-कॉमर्स पोर्टल बिजनेस टू कंज्यूमर्स (बी 2 सी) अवधारणा के तहत काम कर रहे हैं, ऐसे में  ई-कॉमर्स पोर्टल्स में इस प्रावधान की अधिक आवश्यकता है,ताकि उपभोक्ताओं को कोई धोखा न हो।

इस संदर्भ में कैट एक बार फिर वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल के दरवाजे खटखटाएगा और उनसे आग्रह करेगा कि सरकार के स्वयं के बाजार पोर्टल जैम पर उपरोक्त प्रावधान लागू करने के बाद अब अन्य ई-कॉमर्स खिलाडि?ों की बारी है और वाणिज्य मंत्रालय को इसके लिए तुरंत अधिसूचना जारी करनी चाहिए।

ज्ञातव्य है की कैट ने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक राष्ट्रीय अभियान गत 10 जून को भारतीय सामान-हमारा अभिमान  के टाइटल से शुरू किया था और इसी अभियान के अंतर्गत भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए कैट ने श्री गोयल से निर्मित मूल देश के प्रावधान को आवश्यक करने की मांग की थी।  

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