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केरल का सोना तस्करी कांड:15 करोड़ का सोना, मुख्यमंत्री पर सवाल, अफसरों पर गाज

तिरुवनंतपुरम 
केरल में सोना तस्करी का मुद्दा तूल पकड़ रहा है। विदेश से आए 30 किलो सोने ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। विपक्षी दल मुख्यमंत्री विजयन पर सवाल उठा रहे हैं तो कई शक्तिशाली अधिकारियों पर पर गाज गिर गई है। केरल सरकार ने तस्करी केस में नाम आने की वजह से सूचना प्रौद्योगिकी सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एम शिवशंकर का तबादला कर दिया। सोमवार को सरकार ने इस केस में आरोपी सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार स्वपना सुरेश की सेवा समाप्त कर दी थी। कथित तौर पर वह प्रधान सचिव की करीबी हैं और अभी फरार चल रही हैं। मुख्यमंत्री पी विजयन के कार्यालय की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया, ''मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एम शिवशंकर का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया जा रहा है, उनकी जगह आईएएस पीर मोहम्मद लेंगे।'' एम शिवशंकर राज्य सरकार के बेहद प्रभावशाली नौकरशाह माने जाते थे। 

क्या है पूरा मामला?
रविवार को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीमा शुल्क अधिकारियों ने भारी मात्रा में सोना बरामद किया था। यह सोना यूएई के वाणिज्य दूतावास के लिए आए बैगों में भरा हुआ था। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि सोना शौचालयों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से भरे बैग में रखा हुआ था। तस्करी के आरोप में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लेने के बाद जांच के लिए कोच्चि ले जाया गया है। आरोपी को जब यह पता चला कि उसके सामान की जांच होगी तो उसने सीमा शुल्क अधिकारियों को धमकी भी थी। इस बीच जय हिंद टेलीविजन चैनल ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मुख्यमंत्री कायार्लय के एक शीर्ष अधिकारी ने कथित रूप से हवाई अड्डे पर यूएई के वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी की मदद करने की कोशिश की थी। 

बीजेपी कांग्रेस का आरोप
केरल में विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य के आयकर विभाग की महिला (वाणिज्य दूतावास की एक पूर्व कर्मचारी) 'राजनयिक बैग से 30 किलोग्राम सोने की तस्करी में शामिल है। आयकर विभाग मुख्यमंत्री के पास है और उसके अगुवा विजयन के प्रधान सचिव एम शिवशंकर थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नितला ने यह आरोप लगाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की कि मुख्यमंत्री कार्यालय 'अपराधियों का अड्डा' बन गया है। भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि सीमाशुल्क अधिकारियों को इस जब्ती के शीघ्र बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया था।
    
विजयन ने क्या कहा
मुख्यमंत्री पी. विजयन ने आरोपी महिला अधिकारी की नियुक्त से जुड़े कारकों की जानकारी नहीं है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने किसी भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के साथ कभी कोई संवाद नहीं किया और राज्य की जनता यह जानती है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल नहीं बच पाएंगे। 
 

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