छत्तीसगढ़

कोविड एवं नॉन-कोविड मरीजों का होगा टेलीमेडिसीन के जरिये उपचार

रायपुर
 प्रदेश के समस्त डेडिकेटेड कोविड एवं नॉन-कोविड हॉस्पिटल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपचार सम्बन्धी परामर्श देने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में स्थापित प्रदेश के प्रथम ”सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीमेडिसिन हब” का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रेणु पिल्लई, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस. एल. आदिले उपस्थित रहे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संयुक्त तत्वाधान में स्थापित इस स्टेट टेलीकंसल्टेशन हब के माध्यम से राज्य के समस्त अस्पताल, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आपस में इंटरनेट के जरिये जुड़े रहकर चिकित्सा विशेषज्ञों से रोगियों के उपचार से सम्बन्धित ऑनलाइन परामर्श ले सकेंगे।

प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीमेडिसिन हब का शुभारंभ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की दिशा में यह टेलीमेडिसिन सेवा मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में स्थित कोविड केयर अस्पताल तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में किसी प्रकार की आपातकालीन परिस्थितियों में विशेषज्ञों से चिकित्सकीय परामर्श के लिय यह सुविधा बेहद फायदेमंद होगी। डॉक्टर्स डे की बधाई देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी से निपटने के लिये जिस तरह से डॉक्टरों का समर्पण देखने को मिल रहा है वह सराहनीय है। राज्य सरकार की इस टेलीमेडिसिन सेवा के शुरू हो जाने से कोविड के विरूद्ध लड़ाई में एक और नई टेक्नोलॉजी का समावेश हो गया है जिससे राज्य की जनता अधिक से अधिक लाभान्वित होगी।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रेणु पिल्लई ने टेलीकम्युनिकेशन के माध्यम से मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के मानक संचालन प्रक्रिया यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के सम्बन्ध में अम्बेडकर अस्पताल के कोविड-19 नोडल ऑफिसर डॉ. आर. के. पंडा एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. ओ. पी. सुंदरानी से विस्तृत चर्चा की। साथ ही अम्बिकापुर, जशपुर, जगदलपुर एवं दुर्ग के डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की।

स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चौबीस घंटे चलने वाले इस कमाण्ड सेंटर में वॉइस एवं वीडियो कॉल पर आधारित सॉफ्टवेयर स्काइप, गूगल मीट एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञ अपनी सलाह प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित विशेषीकृत कोविड अस्पताल के डॉक्टरों को दे सकेंगे। वहीं स्वास्थ्य मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस चिकित्सा सुविधा की सरल एवं जटिल दोनों परिस्थितियों से निपटने में सहायक साबित होगी। आने वाले दिनों में यह क्लीनिकल मैनेमेंट के लिये बहु-विशेषज्ञ सेवा (सुपर स्पेश्यलिटी सर्विस) से सम्बन्धित समस्त चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करेगी। यह एक तरह का विशेषज्ञ केंद्र होगा जहां पर मेडिसीन, कॉर्डियक, आर्थोपेडिक, सर्जरी, रेस्पिरेटरी, एनेस्थेसिया इत्यादि के विशेषज्ञ ऑनलाइन परामर्श हेतु मौजूद रहेंगे।

”सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीमेडिसिन हब” के उद्घाटन के मौके पर चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनीत जैन, अतिरिक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. निर्मल वर्मा, नोडल ऑफिसर शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. कमलेश जैन, एसीआई विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, रेस्पिरेटरी विशेषज्ञ डॉ. आर. के. पंडा, एनेस्थेटिस्ट डॉ. ओ. पी. सुंदरानी, कोविड अस्पताल प्रभारी अम्बेडकर अस्पताल डॉ. शिप्रा शर्मा, डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, डॉ. संदीप चंद्राकर, डॉ. अल्ताफ युसूफ मीर, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक उरया नाग एवं डॉ. नरेंद्र नरसिंह उपस्थित थे।

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