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गूगल क्रोम में सामने आई बड़ी खामी

गूगल क्रोम वेब ब्राउजर से जुड़ी एक बड़ी खामी सामने आई है, जिसके चलते लाखों यूजर्स की जासूसी की जा रही थी। दरअसल, एक स्पाईवेयर की मदद से यूजर्स पर अटैक किया गया था और इसे मार्केट लीडिंग क्रोम एक्सटेंशन की मदद से क्रोम ब्राउजर में इंस्टॉल किया गया था। 3.2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स ने इसे डाउनलोड किया था। Awake Security के रिसर्चर्स ने इसका पता लगाया और इससे जुड़े डीटेल्स शेयर किए।

सिक्यॉरिटी एजेंसी की ओर से सामने आए स्पाईवेयर को लेकर चिंता भी जताई गई है और एक बार फिर ब्राउजर्स को ऐसे अटैक्स से प्रटेक्ट करने की कोशिश कमजोर साबित हुई है। ब्राउजर्स पर यूजर्स अपने ईमेल से लेकर बैंकिंग रिलेटेड डेटा तक ऐक्सेस करते हैं, ऐसे में डेटा लीक या जासूसी कई स्तर पर नुकसान पहुंचा सकती है। गूगल अल्फाबेट इंक की ओर से कहा गया है कि रिसर्चर्स की रिपोर्ट के बाद 70 से ज्यादा मैलिशस ऐड-ऑन ऑफिशल क्रोम स्टोर से हटाए जा चुके हैं।

यूजर्स को मिले खास फंक्शन
गूगल क्रोम पर मिलने वाले ढेरों फ्री एक्सटेंशंस यूजर्स को अलग-अलग अडिशनल फीचर्स देते हैं। रिसर्चर्स की ओर से जिन एक्सटेंशंस को फ्लैग किया गया है, उनमें से ज्यादातर किसी फाइल को एक से दूसरे फॉरमेट में कन्वर्ट करने का फंक्शन देते थे। गूगल स्पोक्सपर्सन की ओर से कहा गया, 'जब भी हमें किसी ऐसे एक्सटेंशन के बारे में अलर्ट किया जाता है, जो हमारे वेब स्टोर की पॉलिटी को वॉयलेट करता है, हम ऐक्शन लेते हैं और उसे स्टोर से फौरन हटा दिया जाता है।

गूगल को दी फेक जानकारी
सामने आए स्पाईवेयर जिन एक्सटेंशंस से जुड़े हैं, उन्हें ग्लोबली लाखों यूजर्स इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में जासूसी का खतरा और इससे होने वाले नुकसान कई गुना तक बढ़ जाते हैं। फिलहाल सामने नहीं आया है कि इस मैलवेयर की मदद से जासूसी कौन कर रहा था या फिर किसने इसकी मदद से यूजर्स को निशाना बनाने की कोशिश की। सिक्यॉरिटी फर्म के रिसर्चर्स ने कहा कि इस एक्सटेंशन के डिवेलपर्स ने फेक कॉन्टैक्ट इन्फॉर्मेशन एक्सटेंशन गूगल को सबमिट करते वक्त दी थी।

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