छत्तीसगढ़

गृह एवं जेल मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

रायपुर
 गृह एवं जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में गृह, जेल, नगर सेना, सैनिक कल्याण के काम-काज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के सभी जेलों का निरीक्षण कर बैरकों में साफ-सफाई, कैदियों की क्षमता, कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण, सी.सी.टी.व्ही. कैमरा, पेयजल, किचन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेने और कमी अथवा आवश्यकता का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेल को निर्देश दिए। उन्होंने जेलों में व्यावसायिक गतिविधियां जैसे कपड़ा बुनाई, फर्नीचर, सोफा, ग्रिटिंग, प्रिंटिंग एवं अन्य साजों समान बनाने के कार्यों को बढ़ावा देने को कहा ताकि कैदियों का कौशल विकास हो सके। उन्होंने सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई तथा जेल विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा भर्ती कराए जाने के संबंध में कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

गृह मंत्री ने नगर सेना के कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यालयों और बहुमंजिले इमारतों में फायर सेफ्टी लगाने, बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन के तहत सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर के टिकरापारा स्थित फायर स्टेशन को अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए जगह चिन्हिंत करने को कहा। बैठक में गृह मंत्री ने लोक अभियोजन, फॉरेसिंक लैब और सैनिक कल्याण बोर्ड के कार्यों की भी समीक्षा की और पाक्सों एक्ट के तहत बच्चों और महिलाओं के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

गृह मंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप चिटफंड प्रकरणों, आदिवासी प्रकरणों एवं राजनीतिक प्रकरणों की वापसी में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन तथा काम-काज में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से थाना तक आवश्यकतानुसार सेटअप में संशोधन, बजट, वाहन आदि का प्रस्ताव तैयार करने और वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए। गृह मंत्री ने उप निरीक्षकों की लंबित भर्ती प्रक्रिया में औचित्य दर्शाते हुए आवश्यक संशोधन आदि के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करने और भर्ती प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिए।

गृह मंत्री साहू ने आय के स्रोत बढ़ाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग की तरह गृह और जेल विभाग के पुराने जर्जर आवासीय क्षेत्रों को चिन्हिंत करने और नये आवासीय सह-व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कार्ययोजना के तहत ऐसे थाना परिसर जहां पर्याप्त भूमि है वहां थाना क्षेत्र के लिए जगह छोड़कर शेष भूमि पर आवासीय सह-व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस कार्य के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस हाऊसिंग कॉर्पोरेशन को अधिकृत करने के लिए तथा व्यावसायिक कार्य करने के लिए गृह विभाग से सैद्धांतिक सहमति लेने का निर्णय लिया गया। उन्होंने पुलिस के पेट्रोल पम्प की तरह जेल परिसरों तथा ऐसे जिला और ब्लॉक मुख्यालय जहां ट्रांसपोटिंग ज्यादा होता है वहां भी पेट्रोल पम्प खोलने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस कल्याण योजना, शहीद सम्मान निधि, सेवा सम्मान निधि, कल्याण निधि के कार्यों की समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने सेवा पुस्तिकाओं का संधारण कम्प्यूटरीकृत करने विभागीय जांच के प्रकरणों को छह माह के भीतर निराकृत करने तथा स्पंदन एप के जरिए पुलिस जवानों को तनाव मुक्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, सचिव गृह उमेश अग्रवाल, एडीजी जेल संजय पिल्ले, एडीजी योजना-प्रबंधन आर.के. विज, एडीजी प्रशासन हिमांशु गुप्ता और विभिन्न शाखाओं के एडीजी अरूण देव गौतम, अशोक जुनेजा, पवन देव सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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