छत्तीसगढ़

जल आर्वधन क्षमता बढ़ाने और उनके पुराने स्वरूप में लाने तालाबों का किया जाएगा कायाकल्प

रायपुर
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और कृषि, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज राजधानी रायपुर के अवंति विहार तालाब और शताब्दी नगर तालाबों का जायजा लिया। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि शहरों के सभी तालाबों को उनके पुराने स्वरूप में लाने तथा जल आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए बेहतर योजना बनाकर तालाबों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रायपुर शहर के तालाबों सहित प्रदेश के सभी 166 नगरीय निकाय क्षेत्रों के मृतप्राय तालाबों को पुर्नजीवित प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर विशेष रूप से नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, मुख्य सचिव आर. पी. मंडल, कलेक्टर रायपुर डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त नगर निगम रायपुर सौरभ कुमार सहित पार्षदगण उपस्थित थे।

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि जल संरक्षण महाअभियान के तहत राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब को मरीन ड्राइव के रूप में विकसित किया गया है। इसी तरह शहर के बूढ़ा तालाब, कटोरा तालाब, कंकाली तालाब के साफ-सफाई के साथ सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निदेर्शों के अनुरूप प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थित तालबों के जलस्त्रोत को बढ़ाने और तालाबों को उनके पुराने स्वरूप में लाने की दिशा में कार्ययोजना तैयार कर सौर्न्दीयकरण और पुर्नाेद्धार का कार्य किया जा रहा है। डॉ. डहनिया ने कहा कि निगम के अधिकारियों को ऐसे मृतप्राय: तालाबों को चिन्हांकित कर गहरीकरण और सौंदर्यीकरण करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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