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टिक-टॉक बैन वाली बात से पलटा Amazon, कहा- गलती से चला गया ई-मेल

 
वाशिंगटन

ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन ने एक ई-मेल भेजकर अपने कर्मचारियों से चीनी एप टिक-टॉक को डिलीट करने की बात कही थी। लेकिन इसके कुछ ही घंटों के बाद अमेजन ने कहा है कि ये मेल गलती से चला गया था। अमेजन के आधिकारिक बयान में कहा गया कि आज सुबह हमारे कुछ कर्मचारियों को गलती से ई-मेल भेजा गया।

बात से पलटा अमेजन
अमेजन ने पहले तो अपने कर्मचारियों को तुरंत टिक-टॉक एप हटाने को कहा लेकिन कुछ ही देर बाद अमेजन बैक फुट पर आ गया। अमेजन ने कहा कि TikTok के संबंध में अभी हमारी नीतियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अमेज़न प्रवक्ता जैकी एंडरसन ने मीडिया को एक मेल कर बताया कि वो मेल गलती से चला गया था और उसके बारे में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया।

चीनी इंटरनेट दिग्गज बाइटडांस टिक टॉक के मालिक
वॉलमार्ट के बाद अमेजन दूसरा सबसे बड़ा अमेरिकी निजी नियोक्ता है, जिसके दुनिया भर में 8,40,000 से अधिक कर्मचारी हैं, और टिक टॉक के खिलाफ जाने से ऐप पर दबाव बढ़ जाएगा। चीनी इंटरनेट दिग्गज बाइटडांस टिक टॉक के मालिक है। जिसे चीन के बाहर के उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।

डिलीट करने की बात कही
प्रसिद्ध ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन अपने कर्मचारियों के फोन से चीनी एप टिकटॉक डिलीट करने को कह रही थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेजन ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। बता दें कि बीते दिनों भारत सरकार ने भी डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर टिक टॉक समेत 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाया था।

शक्रवार तक डिलीट करने को कहा
गौरतलब है कि अमेजन ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक ई-मेल में कहा है कि सभी कर्मचारी अपने उन डिवाइस से यह एप डिलीट करें, जिसमें वह 'अमेजन ई-मेल' सेवा का उपयोग करते हैं। इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों को शुक्रवार तक मुख्य रूप से अपने मोबाइल से यह एप डिलीट करनी होगी। ऐसा नहीं करने की स्थिति में वह अपने मोबाइल पर अमेजन की ईमेल सेवा का उपयोग नहीं कर पाएंगे। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि कर्मचारी अपने लैपटॉप में ब्राउजर से टिकटॉक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन ने टिकटॉक बैन करने के दिए थे संकेत
बता दें कि टिकटॉक की मालिकाना कंपनी चीन की बाइटडांस है। यह एप दुनियाभर में शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए काफी प्रचलित है। भारत में बैन किए जाने के बाद अमेरिका में भी इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं। इन खबरों में कहा गया था कि निजी डाटा की सुरक्षा को मुद्दे को देखते हुए ट्रंप प्रशासन भी टिकटॉक पर बैन लगाने पर विचार कर रहा है।
 

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