छत्तीसगढ़

तेंदुआ की खाल के साथ पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर

गरियाबंद
 पुलिस की सक्रियता से गांजा और हीरे के बाद अब तेंदुआ की खाल के साथ तस्कर पकड़ में आया है. आरोपी ने पानी में जहर मिलाकर संरक्षित वन्य जीव तेंदुआ को मौत दी थी. खाल की कीमत करीबन 10 लाख रुपए बताई जा रही है.

पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन चार्ज गरियाबंद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति ग्राम बारुला में तेंदुआ का खाल बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ रहा है. सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने एएसपी सुखनंदन राठौर को निर्देशित कर थाना प्रभारी कोतवाली आरके साहू के के साथ प्रधान आरक्षक अंगदराव, चूड़ामणी देवता, आरक्षक दीप्तनाथ प्रधान, आरक्षक सुशील पाठक, जय प्रकाश मिश्रा की टीम बनाकर रवाना किया.

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम को बारूला नदी के पास सफेद कुर्ता, सफेद धोती, सफेद गमछा पहना हुआ व्यक्ति नजर आया, जिसके बाद आरक्षक चूड़ामणी देवता को ग्राहक बना कर भेजा गया. 1,00,000 रुपए में सौदा तय होने के बाद तस्कर खाल लाने के लिए चला गया, लेकिन घंटा भर बाद खाली हाथ वापस लौटते हुए बयाना के रूप में 50,000 रुपए की मांग करने लगा. स्थिति को बदलते देख पास में छिपी पुलिस टीम ने आरोपी को धर दबोचा.

पूछताछ करने पर तस्कर ने ग्राम कासरपानी कोचरमुड़ा के आखरीपारा थाना पीपरछेड़ी का निवासी रामनाथ नेताम पिता स्व. अघनू राम बताया. खाल के संबंध में उसने बतलाया कि तेंदुआ को पानी में जहर देकर मारकर उसका खाल निकाल छिपाकर कर रखा है. मौके पर ही गवाहों के समक्ष बोरी में छिपाकर रखे खाल को जब्त किया गया. आरोपी को भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16), 9, 39(3), 49(B) और संपत्ति विरूपण अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन का दोषी पाते हुए गिरफ्तार किया गया.

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