बिहारराज्य

तेजस्वी को CM का चेहरा मानने में कांग्रेस की आनाकानी

पटना

बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री नेता तेजस्वी यादव के साथ बुधवार रात डिनर किया, मगर इसके बाद भी वो गुरुवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करने से इनकार करते रहे कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे.

बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के ऐसा करने की बड़ी वजह है हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का स्टैंड है, जिन्होंने तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता मानने से इनकार कर दिया है.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने साफ कहा है कि सबसे पहले महागठबंधन की समन्वय समिति बनाई जानी चाहिए, जिसमें इस बात का फैसला हो कि वहां गठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा?

एक सवाल के जवाब में शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, 'आरजेडी वाले क्यों नहीं कहेंगे कि तेजस्वी यादव उनके मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं. मुख्यमंत्री चेहरे के नाम की घोषणा में कोई परेशानी नहीं है, मगर सभी पार्टियों को साथ लेना होता है. हर चीज का एक वक्त होता है और जब वक्त होगा, तो नाम की घोषणा होगी. महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, इसको बताने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.'

बिहार के कांग्रेस प्रभारी इस बात को बार-बार दोहराते रहे कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक-ठाक है और कोई भी दल नाराज नहीं है. महागठबंधन में सब कुछ सलामत है. न चेहरे की चिंता करें, न समन्वय समिति बनने की. वक्त आने पर हम एक साथ मजबूत होकर चुनाव लड़ेंगे और अच्छे नतीजे आएंगे.

वहीं, बिहार में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर शक्ति सिंह गोहिल और आरजेडी में मतभेद हैं. जब शक्ति सिंह गोहिल से पूछा गया कि बिहार में विधानसभा चुनाव कब कराया जाए, तो उन्होंने आरजेडी से विपरीत स्टैंड लिया. एक तरफ जहां तेजस्वी यादव ने कहा है कि कोरोना संकटकाल में विधानसभा चुनाव करवाना सही नहीं है, तो दूसरी ओर शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि बिहार में चुनाव सही समय पर ही होने चाहिए.

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