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तेलंगाना, महाराष्‍ट्र से टेंशन तो दिल्‍ली में पिछले दो हफ्तों में इसमें 45 फीसदी की गिरावट आई 

नई दिल्‍ली
देश की राजधानी धीरे-धीरे कोरोना वायरस पर काबू पाती दिख रही है। दिल्‍ली में एक वक्‍त कोरोना वायरस का पॉजिटिविटी रेट बहुत ज्‍यादा था, मगर पिछले दो हफ्तों में इसमें 45 फीसदी की गिरावट आई है। प्रति 100 टेस्‍ट पर टोटल कन्‍फर्म केसेज के आंकड़ों को देखें तो अब दिल्‍ली देश में तीसरे नंबर पर है। तेलंगाना और महाराष्‍ट्र का पॉजिटिविटी रेट देश में सबसे ज्‍यादा है। यानी दिल्‍ली में शायद कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है। इसके पीछे एक बड़ी वजह टेस्टिंग को तेज करना है। दिल्‍ली में अब करीब तीन गुना ज्‍यादा टेस्‍ट हो रहे हैं।

तेलंगाना बन रहा है देश का नया हॉटस्‍पॉट
दिल्ली का पॉजिटिव‍िटी रेट 19 जून से 2 जुलाई के बीच 16.4% रहा है। जबकि उससे पहले 5-18 जून के बीच में पॉजिटिव‍िटी रेट 29.7% था। वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, 14 दिन वक्‍त को कोरोना कंट्रोल की बेसिक यूनिट की तरह लिया जा सकता है। इस लिहाज से दिल्‍ली में कोरोना काबू में आता लग रहा है। वहीं, 19 जून से 2 जुलाई के बीच तेलंगाना का पॉजिटिव‍िटी रेट 25% दर्ज किया गया है जो देश में सबसे ज्‍यादा है। कोरोना से सबसे ज्‍यादा प्रभावित महाराष्‍ट्र का पॉजिटिव‍िटी रेट इस दौरान 22% रहा है जबकि तमिलनाडु और गुजरात का 11-11%।

यहां सबसे तेजी से फैल रहा कोरोना
पूरे देश की बात करें तो 19 जून से 2 जुलाई के बीच पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 8.63% हो गया है। इससे पहले के 15 दिनों में यह आंकड़ा 7.77 प्रतिशत था जबकि उससे पहले 7.4%। पिछले 14 दिनों में जिन राज्‍यों का पॉजिटिविटी रेट 5% से ज्‍यादा रहा है, उनमें तेलंगाना, महाराष्‍ट्र, दिल्‍ली, तमिलनाडु और गुजरात के अलावा हरियाणा (8%), कर्नाटक (6%), पश्चिम बंगाल (5%) और ओडिशा (5%) शामिल हैं।

कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया के लिए अच्‍छी खबर है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कहा है क‍ि कोरोना वायरस के खात्‍मे के लिए प्रभावी दवा के क्लिनिकल ट्रायल का पहला रिजल्‍ट दो हफ्ते में आए जाएगा।

इतने ज्‍यादा पॉजिटिव केसेज का क्‍या मतलब?
हाई पॉजिटिविटी रेट इस बात का भी संकेत हो सकता है कि राज्‍य पर्याप्‍त टेस्‍ट नहीं कर रहे और केवल बहुत बीमार लोगों का ही कोरोना टेस्‍ट कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर टेस्टिंग और ट्रेसिंग ही कोरोना को कंट्रोल करने का तरीका है ताकि इसे बड़ी आबादी तक फैलने से रोका जा सके। कम पॉजिटिविटी रेट से मृत्‍यु-दर भी कम हो सकती है क्‍योंकि केसेज जल्‍दी पता चल जाते हैं और उनका इलाज बेहतर ढंग से हो सकता है।

गुजरात, कर्नाटक और बंगाल में बढ़ते जा रहे मामले
दिल्‍ली ने 5 जून से 18 जून के बीच 79 हजार टेस्‍ट किए थे। 19 जून और 2 जुलाई के बीच दिल्‍ली में 2.38 लाख टेस्‍ट हुए। इससे भी पॉजिटिविटी रेट कम होने में मदद मिली। महाराष्‍ट्र ऐसा राज्‍य है जहां पिछले करीब 45 दिन से पॉजिटिविटी रेट 21-22 पर्सेंट के बीच बना हुआ है। यानी वहां बीमारी के मामले बढ़ नहीं रहे। 19 मई के बाद से गुजरात, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में केसेज बढ़ते ही चले जा रहे हैं। हालांकि टॉप 10 में शामिल राज्‍यों में से हरियाणा और उत्‍तराखंड ने पिछले करीब डेढ़ महीनों में कोरोना केसेज में गिरावट देखी गई है।
 

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