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दिल्‍ली के आर आर अस्‍पताल में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लगवाया कोरोना का टीका 

नई दिल्‍ली
देश भर में 1 मार्च से कोरोना से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। टीकाकरण के दूसरे चरण की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्‍ली के एम्‍स अस्‍पताल में कोरोना के टीके की पहली डोज लगवाई थी। वहीं आज बुधवार को देश के राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्‍ली के आर आर अस्पताल में COVID19 वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। बता दें राष्‍ट्रपति से पहले देश की कई जानी मानी हस्तियों ने टीकाकरण के दूसरे चरण में कोरोना का टीका लगवाया है। जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक समेत अन्‍य कई राजनेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम शामिल है। 

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने टीका लगवाने के बाद अस्‍पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अस्‍पताल एडमिनिस्‍ट्रेशन को धन्यवाद दिया। उन्‍होंने कहा ये सभी इतिहास में सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। उन्‍होंने सभी नागरिकों से टीकाकरण करवाने का आग्रह किया। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब एत्‍स में वैक्सीन लगवाई तभी एम्‍स के निदेशक डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, पीएम मोदी ने कोरोना वैक्‍सीन लगवाकर ये दर्शाया है कि हमारा नंबर आने पर हमें भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्‍होंने कहा पीएम के वैक्‍सीन लगवाने से लोगों में वैक्‍सीन को लेकर संदेह दूर होगा। साठ वर्ष से ऊपर और 45 वर्ष से ऊपर के बीमार व्यक्तियों को इस वैक्सीन को लगवा लेना चाहिए। यही इस महामारी से बाहर आने का एकमात्र तरीका है। बता दें पीएम मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सिन का टीका लगवाया और लोगों से अपील से भी कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील की। 

एम्‍स निदेशक का दावा है कि मेड इन इंडिया, भारत वायोटेक की कोवैक्सिन ली। इसका मतलब है कि दोनों वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित और प्रभावी हैं। देश के नागरिकों को इस वैक्‍सीन को लगवाना चाहिए एक वैक्सीन की तुलना दूसरे से करने पर जो विवाद हुआ वह भी आज खत्म हो गया।' पीएम मोदी के वैक्‍सीन लगवाने के बाद माना जा रहा है कि लोगों को कोरोना वैक्‍सीन को लेकर जो संदेह था वो दूर होगा। गौरतलब है कि टीकारण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और बीमारी से ग्रसिज 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगना है। कोरोना वैक्‍सीन का टीका जहां सरकारी अस्‍पतालों में निशुल्‍क लगाया जा रहा है वहीं प्राइवेट अस्‍पताल में टीका लगवाने के लिए इसकी कीमत चुकानी होगी।। 

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