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दिल्‍ली में मॉनसून आने का ऐलान, अब होगी झमाझम बारिश

नई दिल्‍ली
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में मॉनसून के आने का ऐलान कर दिया है। IMD के रीजनल फोरकास्‍ट सेंटर के चीफ कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मॉनसून पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों, हरियाणा के पूर्वी हिस्से, दिल्ली, पूरे उत्तर प्रदेश और पंजाब के ज्यादातर हिस्सों तक गुरुवार को पहुंच गया। उन्होंने बताया, "मॉनसून नागौर, अलवर, दिल्ली, करनाल और फिरोजपुर से होकर उत्तर की ओर बढ़ गया है।"मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अंदेशा जताया है। एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, चक्रवातीय दबाव के कारण दिल्ली में मॉनसून समय से पहले पहुंच गया है। दूसरी तरफ, साउथवेस्‍ट मॉनसून को एक बड़ा बूस्‍ट मिल सकता है। प्रशांत महासागर में ला नीना के बनने की संभावना बढ़ गई है। ऑस्‍ट्रेलियन ब्‍यूरो ऑफ मीटरोलॉजी ने इस बारे में अपडेट जारी किया है।

राजस्थान में मॉनसून और आगे बढ़ा, 27 जिलों में बारिश
राजस्थान में तय समय से एक दिन पहले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पहुंच गया है। गुरुवार को राज्य के कई और जिलों में बारिश हुई। मॉनसून के पहले दो दिन में ही राज्य के 33 में 27 जिलों में बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मॉनसून के और कुछ भागों में आगे बढ़ने की संभावना बहुत प्रबल है। मॉनसून ने दो दिन में राजस्थान के 27 जिलों में प्रवेश कर लिया है। मानसून से पश्चिमी राजस्थान के छह जिलों बाड़मेर, जालोर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर, नागौर और पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों सिरोही, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़, कोटा, बून्दी, बारां , भीलवाड़ा, टोंक, सवाईमाधोपुर, अजमेर, जयपुर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर में बारिश हुई है। अब पश्चिमी राजस्थान के चार जिलों बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और पूर्वी राजस्थान के दो जिलों झुंझुनूं और सीकर में मानसून का पहुंचना बाकी है।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में होगी बारिश
दिल्‍ली के आसमान पर मॉनसून के बादल छाए हुए हैं। गुरुवार को दिनभर ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। इस दौरान मैक्सिमम टेम्‍प्रेचर 36 डिग्री सेल्सियस और मिनिमम टेम्‍प्रेचर 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।अगले कुछ दिन, दिल्‍ली-एनसीआर में मॉनसून की आमद के साथ ही भारी बारिश का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्‍सों में भी अगले दो दिन बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

असम में बाढ़, साउथ इंडिया में भी बारिश
असम के पांच जिलों में बाढ़ आ गई है। करीब 38 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। डिब्रूगढ़, जोरहाट, मजुली, धेमाजी और शिवसागर जिलों में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल और नजदीकी दक्षिणी राज्‍यों में के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस साल मॉनसून में 96 पर्सेंट से लेकर 104 पर्सेंट बारिश होने का अनुमान है।

ला नीना के बनने की पॉसिबिलिटी 50-50
ऑस्‍ट्रेलियन ब्‍यूरो ऑफ मीटरोलॉजी ने ला नीना के बनने की संभावना 50 पर्सेंट कर दी है। यह किसी भी साल में ला नीना आने की संभावना का दोगुना है। इससे किसानों और पॉलिसीमेकर्स के लिए अच्‍छी खबर के रूप में देखा जा रहा है। प्रशांत महासागर के सतही पानी के ठंडे होने पर ला नीना बनता है। IMD ने भी पहले भविष्‍यवाणी की थी कि आधा मॉनसून गुजर जाने पर एक हल्‍का ला नीना बनेगा। अच्‍छे मॉनसून से ग्रामीण इलाकों की आय बढ़ती है।
 

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