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दीपक कोचर को 19 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में

मुंबई
स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने बिजनसमैन दीपक कोचर को 19 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। कोचर और उनकी पत्नी तथा आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर तथा वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत मनी लॉड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी हैं। ईडी ने करीब डेढ़ साल पहले यह केस रजिस्टर्ड किया था। ईडी के वकील एडिशनल सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने कोचर की कस्टडी की मांग की। उनका कहना था कि कोचर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

कोचर के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल को हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कोचर सोमवार को सुबह साढ़े दस बजे ईडी के मुंबई ऑफिस में जांच में शामिल हुए थे और उन्हें मंगलवार को दोपहर बाद साढ़े 12 बजे स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। इस पर ईडी के वकील ने दलील दी कि कोचर को देर शाम 8 बजकर 6 मिनट पर गिरफ्तार किया गया था और उन्हें तय समय के भीतर कोर्ट में पेश किया गया।

क्या है मामला
यह मामला वीडियोकॉन ग्रुप को बैंक लोन देने में कथित अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग की जांच से जुड़ा है। इस साल जनवरी में ईडी ने चंदा कोचर, दीपक कोचर और उनकी कंपनियों की 78.15 करोड़ रुपये की चल-अचल परिसंपत्तियों को भी जब्त कर लिया था। दीपक कोचर की यह गिरफ्तारी ईडी ने वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक की ओर से 3250 करोड़ रुपये का लोन दिए जाने के मामले में की है। इस मामले में यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है। ईडी आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को दिए गए ऋण मामले में अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और कई अन्य के खिलाफ जांच कर रही थी। कुछ दिन पहले ही दूत समेत चंदा कोचर और उनके पति के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में चंदा कोचर के देवर से भी पूछताछ हुई थी।

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