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देश के 51 गांवों का China से सीधा कनेक्शन

                                                                                       
 नई दिल्ली
गलवान घाटी में संघर्ष के बाद एलएसी पर भारत-चीन के बीच तनाव जारी है। देश के लोग चाइनीज समानों के बायकाट के लिए सोशल मीडिया पर मुहीम छेड़ चुके हैं। चीन और वहां की कंपनियों को आर्थिक मोर्चे पर शिकस्त देने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। वहीं, ऐसी खबरों के बीच एक ताज्जुब करने वाली रोचक खबर ये है कि अपने देश में कुल 51 गांव और कस्बे ऐसे हैं, जिनका सीधा कनेक्शन चाइना से है। दरअसल  इन गांवों का चीन से नाता उनके नाम से है। देश भर में ऐसे 51 गांव ऐसे हैं, जिनके नाम के आगे चाइना (China) जुड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तो एक गांव नाम ही चाइना है, लेकिन असली खबर ये है कि गलवान घाटी में शहीद कर्नल बी संतोष बाबू ने जिस आंध्र प्रदेश के सैनिक स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर सेना में आए, उसी आंध्र प्रदेश में एक नहीं, दो नहीं, पूरे 49 गांवों और कस्बों के नाम से पहले चाइना (China) शब्द जुड़ा है। सबसे बड़ी बात चीन से सटे पूर्वोत्तर राज्यों में किसी भी गांव के नाम के आगे या पीछे चीन या चाइना नहीं जुड़ा है।

बता दें चीन के जवानों से गलवान घाटी में शहीद हुए कर्नल बी संतोष बाबू आंध्र प्रदेश से अलग हुए राज्य तेलंगाना के रहने वाले थे। संतोष बाबू बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। आंध्र प्रदेश के सैनिक स्कूल से शिक्षा हासिल करके NDA और फिर IMA का रुख किया। 

सबसे ज्यादा 10 गांव, विशाखापत्तनम जिले में
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में कुल 10 गांवों ने नाम के साथ चीन या चाइना शब्द सीधे तौर पर लगा है। जैसे, चीन सारदा या कहें चाइना सारदा, चीन कुरमम, चाइना या चीन कांतावरम, चाइना मदीना जैसे नाम के कुल 10 गांव हैं। वहीं कृष्णा जिले में 7, श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोरे में 6 और प्रकाशम में 7 गांवों के नाम के आगे चाइना लगा हुआ है। देश में सिंगापुर नाम के भी 19 गांव: चाइना ही नहीं, देश में सिंगापुर नाम के भी 19 गांव हैं। इनमें से अकेले महाराष्ट्र में 6 हैं। वहीं आंध्र प्रदेश में भी इतने ही सिंगापुर हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गुजरात और ओडिशा में एक-एक गांव के नाम सिंगापुर हैं, जबकि असम दो गांवों के नाम से सिंगापुर जुड़ा हुआ है। 
 

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