छत्तीसगढ़

नक्सलियों के स्कूल शिक्षक ने गर्भवती पत्नी सहित 5 के साथ किया आत्मसमर्पण

दंतेवाड़ा
नक्सलियों के स्कूल में पढ़ाने वाला शिक्षक हरदेश और नक्सली संगठन में ही काम करने वाली उसकी पत्नी आसमती सहित पांच नक्सलिों ने आत्मसमर्पण कर किया। दोनों भागे-भागे पुलिस के पास पहुंचे थे। हरदेश की पत्नी आसमती गर्भवती थी और नक्सली नहीं चाहते थे कि वह बच्चे को जन्म दे। ऐसे में अपने बच्चे को बचाने के लिए दोनों ने विचारधारा बदली।

हरदेश ने पुलिस को बताया कि मेरी पत्नी 6 महीने की गर्भवती है। नक्सली मेरी पत्नी का गर्भपात कराकर बच्चे को मारना चाहते हैं। मुझ पर दबाव बना रहे हैं। इससे पहले भी नक्सल संगठन में काम कर रही 4 महिलाओं का गर्भपात कराया गया है। मैं अपने बच्चे को खोना नहीं चाहतते और पति-पत्नी सरेंडर करना चाहते हैं। अफसरों ने इन दोनों का ताली बजाकर स्वागत किया। हरदेश ने बताया कि वह पीडियाकोट का रहने वाला है। उसने 5वीं तक पढ़ाई की है। 2017 में पिता की मौत हो गई तो हरदेश पढ़ाई छोड़कर गांव आ गया। बाद में नक्सली आयतू जबरदस्ती उठाकर ले गया। वहां नक्सल स्कूल चलाने लगा। इसमें 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को पढ़ाता था। अब तक 25 से ज्यादा बच्चों को नक्सली स्कूल में पढ़ा चुका है।

हरदेश ने पुलिस को अपने नक्सली बनने की कहानी सुनाई। भरोसा दिलाया कि अब वह समाज की मुख्यधारा में आकर जीवन बिताना चाहता है। हरदेश ने बताया कि संगठन में रहते हुए उसे सीएनएम सदस्य आसमती से प्यार हो गया और दोनों ने 2018 में शादी कर ली। आसमती 2020 में गर्भवती हुई। नक्सलियों को पता चला कि वह गर्भवती है तो गर्भपात के लिए दबाव बनाने लगे। बैठक रखी और कहा- ये नहीं मान रहे हैं तो आसमती का गर्भपात जरूरी है। संगठन में बच्चे पैदा करने की इजाजत नहीं है। इसके बाद दोनों अंधेरा का फायदा उठाकर भाग निकले। आसमती ने कहा कि मेरे गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए मेरे पति का साथ मिला। बहुत खुश हूं। हम अब अच्छे से जीवन गुजारेंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे, लेकिन मेरे जैसी कई महिलाएं नक्सल संगठन में घुट रही हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि घर वापस आइए से प्रभावित होकर पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें एलजीएस कमांडर साधु उर्फ भगत (24) ग्राम बुरगुम, थाना कोड़ेनार,जिला बस्तर है। नंदा कुंजाम (27) निवासी कलेपाल थाना किरंदुल डीएकेएमएस अध्यक्ष के तौर पर नक्सली संगठन में कार्यरत था। एक अन्य ईनामी नक्सली आयते ताती ताती (30) तिम्मेनार, थाना मिरतुर जिला बीजापुर शामिल हंै। डॉ. अभिषेक पल्लव ने कहा कि आसमती को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। अब पुलिस के प्रति नक्सलियों का भरोसा बढ़ रहा है और वे सरेंडर के लिए पहुंच रहे हैं।

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