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नहीं थे स्मार्टफोन तो लाउडस्पीकर से शुरू की क्लास, ऑनलाइन क्लास का अनोखा तरीका

 
दुमका

कोरोना संकट के कारण देशभर में स्कूल में बंद हैं। बच्चे स्कूल तो नहीं जा रहे, लेकिन उनकी पढ़ाई का नुकसान नहीं हो इसके लिए कई स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास के जरिए बच्चों की पढ़ाई शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य सोशल डिस्टेंस को बनाए रखना है। झारखंड के दुमका में भी बच्चों की ऑनलाइन क्लास को लेकर प्रशासन ने खास तैयारी की। एक गांव के कई गरीब परिवारों के पास स्मार्टफोन नहीं होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो इसके लिए शिक्षकों ने खास विकल्प निकाला। उन्होंने डिस्टेंस लर्निंग के लिए लाउडस्पीकर के जरिए बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया।

दुमका जिले के बनकटी अपग्रेडेड मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल श्याम किशोर गांधी ने लाउडस्पीकर से बच्चों की पढ़ाई की योजना बनाई। उन्होंने माइक्रोफोन के जरिए लाउडस्पीकर के नेटवर्क को जोड़कर क्लास शुरू करने का विचार किया। उन्होंने ये कदम तब उठाया जब उन्हें पता चला कि स्कूल के 246 में से 204 छात्रों तक स्मार्टफोन की पहुंच नहीं है।

इसी के मद्देनजर गांव की एक चौक पर पत्थर के स्लैब पर माइक्रोफोन रखा गया है। अलग-अलग हिस्सों में लाउडस्पीकर लगाए गए, जिससे छात्रों को शिक्षकों की आवाज अपने घरों में ही साफ तौर से सुनाई दे। उन्हें पढ़ाई में कोई असुविधा नहीं हो। स्कूल के प्रिंसिपल श्याम किशोर गांधी ने बताया कि करीब 42 छात्रों के पास मोबाइल की सुविधा नहीं थी ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करना था कि किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। यही वजह है कि हमने लाउडस्पीकर पर पढ़ाई शुरू की। जिससे सोशल डिस्टेंस बनाए रखा जा सके और बच्चे पढ़ाई भी आसानी से कर सकें।

प्रधानाचार्य ने बताया कि इस दौरान अधिकांश दिनों में छात्रों की उपस्थिति 100 फीसदी के करीब रही है। गांव में किसी ने भी अभी तक लाउडस्पीकर के जरिए साइंस, गणित, भूगोल या दूसरे विषयों की पढ़ाई को लेकर किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं की है। कक्षा सातवीं की छात्रा मनीषा मरांडी ने बताया कि उन्हें बिना किसी कठिनाई के क्लास करने और सीखने को मिल रहा। बता दें आदिवासी बहुल दुमका जिले में 2 जून के बाद से कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
 

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