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नारियल तेल सहित अन्य नेचुरल ऑयल में होती है एसपीएफ की कमी

 

अधिकांश लोग नेचुरल सनस्क्रीन बनाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर रास्पबेरी सीड ऑयल, कैरट सीड ऑयल, नारियल तेल और शिया बटर जैसे ऑयल से कई तरीके से सनस्क्रीन बनाए जाते हैं। दुनियाभर में लोग घरेलू तरीकों से अपना सनस्क्रीन खुद बनाते हैं और दूसरों को भी ये लुभावने तरीके बताते हैं।

लेकिन सच तो यह है कि नेचुरल सामग्री से घर पर बने सनस्क्रीन में सन प्रोटेक्शन फैक्टर (SPF) नहीं पाया जाता है। इसके अलावा सनस्क्रीन बनाना काफी मुश्किल और महंगी प्रक्रिया है। दुनिया के कुछ हिस्सों में जिन उत्पादों में एसपीएफ मौजूद होता है, उन्हें महंगे परीक्षण के बाद ही इस्तेमाल करने की अनुमति प्रदान की जाती है। आइए जानते हैं किन कारणों से सनस्क्रीन के रूप में नहीं करना चाहिए नेचुरल ऑयल का इस्तेमाल।

एसपीएफ को सन प्रोटेक्शन फैक्टर कहा जाता है। यह एक स्केल है जिस पर पराबैंगनी किरणों से त्वचा को डैमेज होने से बचाने की सनस्क्रीन की क्षमता को मापा जाता है। यदि आपकी असुरक्षित त्वचा 20 मिनट के भीतर लाल पड़ जाती है, तो आपको 15 एसपीएफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए। यह लगभग पांच घंटे तक त्वचा को सुरक्षित रखता है।

नेचुरल ऑयल यूवी को अवशोषित नहीं करता है
रिसर्च में पाया गया है कि नेचुरल ऑयल पराबैंगनी किरणों को ब्लॉक करने के लिए उपयुक्त इंग्रीडिएंट नहीं है। एलोवेरा, कैनोरा ऑयल, सिट्रोनेला ऑयल, नारियल तेल, ऑलिव ऑयल और सोयाबीन में पराबैंगनी किरणों को रोकने की क्षमता नहीं पाई जाती है। इसलिए इन सामग्रियों से बना सनस्क्रीन त्वचा को सुरक्षित नहीं रख पाता है।

नेचुरल ऑयल यूवी को सही तरंगदैर्ध्य में अवशोषित नहीं करता
स्टडी में यह भी पाया गया है कि पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करने में केवल विटामिन ई युक्त पदार्थ ही कारगर है। लेकिन यह केवल 310 नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य से कम होने पर ही संभव होता है। हालांकि, यह ज्यादातर पराबैंगनी किरणों को अवरुद्ध नहीं कर पाता है। सूर्य के प्रकाश का यूवीबी और यूवीए रेंज 290-400 नैनोमीटर होता है।

नेचुरल ऑयल में एसपीएफ नहीं पाया जाता
नेचुरल ऑयल में पर्याप्त एसपीएफ पाया जाता है या नहीं, इसका लैब में अभी तक परीक्षण नहीं किया गया है। एक रिसर्च के अनुसार, सनस्क्रीन प्रोडक्ट एसपीएफ परीक्षण के बाद ही मार्केट में उतारा जाता है। इसलिए हमेशा एसपीएफ का स्तर देखकर ही बाजार से सनस्क्रीन खरीदना चाहिए। इसके साथ ही घर पर नेचुरल ऑयल से बने सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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