छत्तीसगढ़

निजी अस्पताल संचालक करेंगे स्वास्थ्य विभाग से चर्चा

रायपुर
आपदा की इस समय में निजी क्षेत्र के अस्पताल सहयोग करने में हर कदम पर साथ हैं पर कोई भी नीतिगत निर्णय लेने से पहले एक बार स्वास्थ्य विभाग को भी चाहिए कि वह उनके  साथ बैठकर चर्चा कर लें ताकि समाधान भी निकल जाए और कोई काम रूके भी नहीं। जो तकनीकी और आर्थिक मुद्दे हैं उन पर भी चर्चा और सहमति जरूरी है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ महेश सिन्हा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर के  अध्यक्ष डॉ अनिल जैन और सचिव डॉ आशा जैन और हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमैन डॉ राकेश गुप्ता ने  स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्र के अस्पतालों को चिन्हित करने के मामले में आधिकारिक वक्तव्य देते हुए कहा है विभाग ने निजी क्षेत्र के अस्पतालों को बिना विश्वास में लिए यह एक पक्षीय निर्णय लिया है जिसमें तकनीकी और आर्थिक मुद्दों पर  विचार-विमर्श कर तर्क सम्मत हल निकालना जरूरी है राज्य सरकार को इस आपदा की स्थिति में आवश्यकता पडऩे पर निजी क्षेत्र के सभी अस्पताल सहयोग करने में कभी भी पीछे नहीं हटेंगे लेकिन मरीज के इलाज की गुणवत्ता से समझौता करने में मरीज को तो नुकसान है ही डॉक्टरों और अस्पताल में कार्यरत पैरामेडिकल वर्कर्स के भी कोरोना संक्रमण ग्रसित होने की भारी आशंका है. इससे पूर्व भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पैकेज रेट में दरें उपलब्ध करवाए हैं लेकिन प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तरह उन पर भी परंपरा बनाए रखते हुए ध्यान नहीं दिया गया. आइएमए और हॉस्पिटल बोर्ड ने अपने सभी सदस्यों से नीतिगत विचार-विमर्श कर यह निष्कर्ष निकाला है कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों से एक विस्तृत बातचीत कर रूपरेखा बनाए जाने की जरूरत है।

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