उत्तर प्रदेशराज्य

नेपाल में अब तक बेचे जा चुके हैं 30 बच्चे 

 आगरा 
आगरा में कुछ दिन पहले बच्चाें को बेचने वाले गैंग से रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि किराए की कोख प्रकरण में सक्रिय गिरोह का यह कोई पहला मामला नहीं था। इससे पहले गैंग के सदस्य 30 महिलाओं का प्रसव नेपाल में करा चुके हैं। उन्होंने जिन बच्चों को जन्म दिया था, उन्हें वहां पर ही बेच दिया गया था। पहली बार कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन के कारण गैंग को महिलाओं की डिलीवरी फरीदाबाद में करानी पड़ी। बच्चों को नेपाल ले जाते समय पुलिस ने पकड़ लिया। प्रारंभिक छानबीन में गैंग में 25 सक्रिय सदस्यों की जानकारी मिली है।

आगरा में लखनऊ एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा पर पुलिस ने दो गाड़ियों से तीन युवक, दो महिलाओं को पकड़ा था। इनके पास से एक-एक माह की तीन बच्चियां बरामद हुई हैं। इनमें चालक नई दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, दूसरी कार का चालक प्रदीप कुमार और नीलम सवार थे। इनके पास फरीदाबाद के दो अस्पतालों के दस्तावेज मिले थे। इनमें प्रसव कराने की बात कही गई थी। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूछताछ की थी। 

एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी राहुल गैंग में एजेंट का कार्य करता है। उसने पूछताछ में बताया कि वह गैंग में दो साल से है। नेपाल की संचालिका अस्मिता बच्चों की डिमांड करती है। आठ लाख रुपये में सौदा तय होता था। फरीदाबाद और आसपास नीलम जरूरतमंद महिलाओं की तलाश करती है। उसके अलावा गैंग में और भी 20-25 सदस्य हैं। ये महिलाओं को नेपाल ले जाकर सेरोगेसी का प्रोसेस कराते थे। नीलम गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती थी। समय पूरा होने पर उन्हें प्रसव के लिए नेपाल ले जाया जाता था। प्रसव होने के बाद महिलाएं वापस आती थीं। दो साल में 30 महिलाएं नेपाल जा चुकी हैं। मगर, इस बार लॉकडाउन में महिलाओं को नहीं ले जा सके थे। इस कारण फरीदाबाद के हास्पिटलों में प्रसव कराया गया है। गैंग में 25 से अधिक सदस्य हैं। पुलिस अब गैंग के सदस्यों के बारे में और जानकारी कर रही है।

फरीदाबाद गई है पुलिस टीम 
एसपी पूर्वी ने बताया कि कोख के सौदागरों के गैंग की पड़ताल के लिए पुलिस की एक टीम को फरीदाबाद भेजा गया है। पुलिस की पकड़ में आईं दो में से एक महिला रुपयों के लालच में दो बच्चियों को लेकर जा रही थी। बच्ची उसकी नहीं थीं। पुलिस अब यह पता करेगी कि बच्ची की असली मां कौन है? वहीं महिलाओं के प्रसव के कागजात फरीदाबाद के सेक्टर 19 स्थित धर्म देवी हॉस्पिटल और गेटवेल हॉस्पिटल से बनवाए गए हैं। पुलिस इन हास्पिटलों के संचालकों से पूछताछ करेगी। इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जाएगी। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस की टीम नेपाल भी जाएगी।

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