छत्तीसगढ़

पर्यावरण व स्थायी विकास में प्रतिभाओं को निखार रहे जिन्दल विवि

रायपुर
गुणवत्ता युक्त एवं समाज उपयोगी शिक्षा के लिए जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिन्दल की दूरदर्शी सोच के अनुरूप रायगढ़ के ओपी जिन्दल विश्वविद्यालय (ओपीजेयू) और हरियाणा के सोनीपत स्थित ओपी जिन्दल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (ओपीजेजीयू) के छात्रों को पर्यावरण एवं स्थायी विकास के विशेष गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि वे शैक्षिक जीवन से निकल कर राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकें। ओपीजेजीयू न सिर्फ देश की अव्वल निजी शैक्षिक संस्था है बल्कि वह पूरी मानवता को पर्यावरण और समाज के स्थायी विकास का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने का माध्यम भी बन गई है। यहां आज की वार्ता के मुताबिक ओ.पी.जे.यू. में अनिवार्य रूप से सभी पाठ्यक्रमों में पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके अलावा बी.टेक.(अंतिम वर्ष) के छात्रों के लिए पर्यावरण एवं स्थायी विकास की पढ़ाई की विशेष व्यवस्था है। यहां आपदा प्रबंधन की भी पढ़ाई कराई जाती है जिससे बच्चे संकट के समय अपनी संस्थाओं को सही समाधान प्रस्तुत कर सकें।   

ओपी जिन्दल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत ने कोविड 19, बाढ़, भूकंप, समुद्री तूफान समेत अनेक पर्यावरण संकट को देखते हुए विश्व स्तरीय द जिन्दल स्कूल आॅफ एन्वायर्नमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी (जेएसईएस) के रूप में अपने नौवें स्कूल की स्थापना की है। जेएसईएस ने उपरोक्त विषयों पर उच्च कोटि की शिक्षा प्रदान करने के लिए पर्यावरण एवं स्थायी विकास के क्षेत्र में काम कर रहे 20 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठनों से करार किया है ताकि छात्रों को सैध्दांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी मिल सके और वे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपना भविष्य निर्माण कर सकें। इस पाठ्यक्रम के लिए छात्रों को एन्वायर्नमेंटल स्टडीज से बीए (आॅनर्स) में दाखिला लेना होगा। इन छात्रों को संबंधित 20 संस्थानों में शोध और इंटर्नशिप का व्यापक अवसर मिलेगा ताकि वे जलवायु संकट से निपटने के तरीके सीख सकें और हरे-भरे स्वस्थ वातावरण के निर्माण में योगदान कर सकें। छात्रों को पर्यावरण एवं जीव विज्ञान, जनसांख्यिकी एवं विज्ञान, मानवीय एवं पर्यावरणीय संवाद, जलवायु परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, पर्यावरण कानून, वन एवं वन्यप्राणी विषय का गहन अध्ययन कराया जाएगा ताकि उनमें समाज के लिए संपूर्ण सोच उत्पन्न हो। ओपीजेजीयू ने जिन 20 संगठनों से करार किया है, उनमें द वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड, पैसिफिक एन्वायर्नमेंट, वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट, एमसी मेहता फाउंडेशन, एन्वायर्नमेंट सपोर्ट ग्रुप, ग्लोबल पॉलिसी इनसाइट्स, टॉक्सिक लिंक्स, टैगोर सोसाइटी फॉर रूरल डेवलपमेंट, नवदन्या फाउंडेशन, इंडियन काउंसिल फॉर एन्वायरो-लीगल ऐक्शन, देल्ही ग्रींस, एन्वीपोल, ग्रीन मुनिया, दहाईवे-रिसर्च, यूनेको, सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायर्नमेंट, राजपुताना सोसाइटी आॅफ नेचुरल हिस्ट्री, फ्यूचर ग्रुप-सीएसआर, ह्युंडई इलेक्ट्रिक और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय शामिल हैं।

ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के सुजीत सोनी को हाल ही चयन कर अमेजन में मिला 32 लाख रुपए का पैकेज मिला है। ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के कंप्यूटर साइंस एन्ड इंजीनियरिंग के छात्र सुजीत सोनी को अमेजन कंपनी द्वारा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर 32 लाख रुपए का पैकेज आॅफर किया गया है। उपरोक्त संस्थानों से अनुभव प्राप्त करने के बाद छात्रों को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक अवसर प्राप्त होंगे और वे मानवता के कल्याण में प्रतिभा का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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