छत्तीसगढ़

पोलावरम्परियोजना एवं बोधघाट परियोजना निर्माण हेतु मिला था एक साथ अनुमति

जगदलपुर
बहुउद्देशीय बोधघाट परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है, जो कि गोदावरी नदी की मुख्य सहायक नदी है। छत्तीसगढ़ राज्य में इंद्रावती नदी कुल 264 किलोमीटर में प्रवाहित होती है। बोधघाट परियोजना दन्तेवाड़ा जिले के विकासखण्ड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किलोमीटर तथा जगदलपुर शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूरी पर प्रस्तावित है। इस परियोजना हेतु वर्ष 1979 में पर्यावरण स्वीकृति मिली थी।

वन संरक्षण अधिनियम 1980 लागू होने के उपरांत वर्ष 1985 में पुन: पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हुई। विभाग द्वारा प्रभावित वनभूमि के बदले 8419 हेक्टेयर भूमि में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण किया गया था, जिसके आधार पर वन सरंक्षण अधिनियम 1980 लागू होने के उपरांत पुन: वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 5704.332 हेक्टेयर भूमि हेतु 05 फरवरी 2004 को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। योजना का सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर भारत शासन के विभिन्न मंत्रालयों से स्वीकृति प्राप्त किए जाने का कार्य भारत शासन के मिनिरत्न उपक्रम मेसर्स वाश्कोस लिमिटेड को सौपा गया है। पोलावरम् परियोजना एवं बोधघाट परियोजना एक साथ प्रारंभ हुए थे परन्तु पोलावरम् परियोजना का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत से अधिक संपन्न हो गया है एवं बोधघाट परियोजना के कार्य नहीं हो सका।

बोधघाट और पोलावरम् परियोजना में तुलनात्मक रूप से देखे तो

  • कुल जल ग्रहण क्षेत्र बोधघाट (प्रस्तावित) में 15280.90 वर्ग किमी., पोलावरम् में 306643 वर्ग किमी.।
  • जलाषय का विवरण में बांध का उच्च स्तर बोधघाट का 471 मी. पोलावरम् 53.32मी.।
  • उपयोगी जल भण्डारण में बोधघाट 3715.40 मि.घ.मी. पोलावरम् में 2130 मि.घ.मी.।
  • पूर्ण जल स्तर डूबान क्षेत्र के अन्तर्गत बोधघाट 13783.147 हेक्टेयर पोलावरम् में 47367.18 हेक्टेयर।
  • सिंचाई क्षमता में बोधघाट से 366580 हेक्टेयर पोलावरम् 436804 हेक्टेयर।
  • विद्युत उत्पादन में बोधघाट में 300 मेगावाट पोलावरम् में 1040 मेगावाट।

डूबान प्रभावित ग्राम में बोधघाट (प्रस्तावित) परियोजना से 42 और पोलावरम् परियोजना से 288 जिसमें छत्तीसगढ़ के 09 गांव प्रभावित है। विस्थापित होने वाले परिवारों की जनसंख्या 12,888 जबकि पोलावरम् परियोजना से 1 लाख 95,357 प्रभावित हुए हैं।

इन्द्रावती नदी कैचमेंट से छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्ण योजनाओं में 11.091 टी.एम.सी. तथा निमार्णाधीन योजनाओं अन्तर्गत 1.932 टी.एम.सी. कुल 13.023 टी.एम.सी. जल उपयोग किया जा रहा है। बोधघाट परियोजना अन्तर्गत प्रस्तावित जल उपयोग की मात्रा 155.911 टी.एम.सी. है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण द्वारा आबंटित 300 टी.एम.सी. (8496 मि.घ.मी.) जल के विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा बोधघाट परियोजना सहित केवल 168.934 टी.एम.सी. (4784 मि.घ.मी.) जल का उपयोग प्रस्तावित है, अत: योजना निर्माण में कोई अंतर्राज्यीय मुद्दा नहीं है।

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