भोपालमध्यप्रदेश

प्रदेश की सरकारी सम्पत्तियों का प्रबंधन करने अब नया विभाग बनेगा : CM शिवराज

भोपाल
प्रदेश में सभी सरकारी विभागों की सम्पत्तियों का प्रबंधन करने के लिए अब एक नया विभाग लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग बनेगा। यह विभाग प्रदेश की सारी शासकीय सम्पत्तियों का प्रबंधन करेगा।  वहीं भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पूर्व स्वास्थ्य संचालक पर कार्रवाई होगी। योगीराज शर्मा के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण के तहत कार्रवाई करने के संबंध में कैबिनेट में चर्चा की जा रही है।

मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हो रही कैबिनेट बैठक में एक नया विभाग बनाए जाने पर चर्चा की गई। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन करते हुए लोक परिसम्पत्ति प्रबध्ांन विभाग का गठन किया जाएगा। यह विभाग प्रदेश की सभी सरकारी सम्पत्तियों का प्रबंधन करेगा। अनुपयोगी सम्पत्ति को बेचने, क्षतिग्रस्त सम्पत्ति के रखरखाव, सम्पत्तियों को किराये पर देने और अन्य तरीकों से आमदनी बढ़ाने के संबंध में यह नया विभाग निर्णय लेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन प्रस्तावित शहरी विकास संस्थान(यूडीआई)के गठन करने अथवा पूर्व से स्थापित राष्टÑीय अभिशासन एवं नगर प्रबंधन संस्थान को यथावत रखे जाने पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई। दीनदयाल रसोई योजना का विस्तार करने और इसे और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के पैकेज दो के अंतर्गत भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत प्रारंभ की गई अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने पर भी चर्चा की गई। दूसरी ओर भोपाल बायपास पर उपभोक्ताओं से टोल वसूली करने वाली ट्रांसट्राय कंपनी को अनियमितताओं के चलते टर्मिनेट किए जाने के बाद अब यह जिम्मेदारी एमपीआरडीसी संभालेगा। यूजर फी कलेक्शन एजेंसी के जरिए उपभोक्ता शुल्क (टोल) की वसूली यहां की जाएगी।

सिविल प्रक्रिया संहिता मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक 2020, मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी संशोधन विधेयक 2020, मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी संशोधन अध्यादेश की जगह मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी संशोधन विधेयक,श्रम विभाग के अधीन श्रम विधि संशोधन अध्यादेश की जगह विधेयक लाए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। सहकारिता संशोधन विधेयक के जरिए शीर्ष सहकारी संस्थाओं में सांसदों और विधायकों की प्रशासक, अध्यक्ष के पद पर तैनाती की जा सकेगी। इसके अलावा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक-2020 के तहत एकलव्य निजी विश्व विद्यालय दमोह की स्थापना पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।

 

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