भोपालमध्यप्रदेश

प्रदेश में राहतों की तरफ बढ़ी सरकार

भोपाल
तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने लगी पाबंदियों पर भी छूट देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार ने वेतन भत्तों पर अब विभागों को पूरा खर्च करने की छूट दे दी है। वही अन्य पंूजीगत व्ययों में आवंटित राशि भी 80 फीसदी तक खर्च की जा सकेगी।
कोरोना संक्रमण के कारण बेपटरी हुई मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे फिर पटरी पर वापस आने लगी है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से लेखानुदान के खर्च पर लगी हुई रोक को हटाते हुए सरकार ने वेतन,भत्तों पर पूरी राशि खर्च करने की छूट दे दी है वहीं अन्य पूंजीगत व्ययों के लिए आवंटित राशि 80 फीसदी तक खर्च करने की अनुमति दे दी है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की वित्तीय स्थिति काफी खराब हो गई थी। उस समय सरकार ने लेखानुदान के जरिए जो बजट की व्यवस्था की थी उसके  उपयोग पर नियंत्रण करते हुए लेखानुदान में केन्द्र क्षेत्र, केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं तथा अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता से चलने वाली योजनाओं एवं मुक्त श्रेणी के खर्चों पर बजट का अस्सी प्रतिशत तथा शेष योजनाओं और मदों के लिए प्रावधानित बजट का पचास प्रतिशत तक उपयोग करने की छूट दी थी।

तेज होंगे विकास कार्य
अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए निर्णय लिया है कि लेखानुदान में किए गए बजट प्रावधान में वेतन, महंगाई भत्ते, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्तों के लिए अब रोकी गई बीस प्रतिशत राशि भी खर्च करने की अनुमति दे दी है। इस मद में अब लेखानुदान का शत प्रतिशत राशि खर्च की जा सकेगी। इसी तरह पूंजीगत व्यय की मद में लेखानुदान में अभी तक केवल पचास प्रतिशत राशि खर्च करने की अनुमति दी गई थी। इसे अब बढ़ाते हुए अस्सी प्रतिशत तक राशि खर्च करने की अनुमति दे दी है। इससे अब सरकारी महकमें उन्हें वर्ष 20-21 के लिए मिले बजट में से नई व्यवस्था के अनुसार मासिक, त्रैमासिक कार्ययोजना में ज्यादा राशि खर्च कर सकेंगे। बजट पर छूट हटने के बाद अब प्रदेश में विकास कार्यऔर तेज गति से पूरे हो सकेंगे।

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