ग्वालियरमध्यप्रदेश

प्रभारी कुलसचिवों के भरोसे प्रदेश की 13 यूनिवािर्सटी

ग्वालियर
प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में नियमित कुलसचिव की पोस्टिंग के लिए तरस रहे  हैं। 14 विश्विविद्यालयों में से मात्र एक ही विश्वविद्यालय में इन दिनों स्थायी कुलसचिव है। बांकी 13 विश्वविद्यालयों में उपकुलसचिव और प्रोफेसरों ने कुलसचिव की कुर्सी संभाल रखी है। पदोन्नति अटकी होने से विश्वविद्यालयों में यह स्थिति बनी है।

बता दें कि पूरे प्रदेश में इस समय सिर्फ दो ही कुलसचिव बचे हैं। इनमें से एलएस सोलंकी की पोस्टिंग भोज विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद पर है। वहीं दूसरे कुलसचिव कमलाकर सिंह ऐसे हैं,जो किसी विश्वविद्यालय में नहीं रहते हुए सतपुड़ा भवन में ओएसडी बने हुए हैं।

25 फीसद तक देना है प्रतिनियुक्ति
नियमानुसार सभी विश्वविद्यालय में महज 25 फीसद प्रोफेसर को ही प्रतिनियुक्ति पर कुलसचिव का प्रभार दे सकते हैं। शेष 75 फीसद पदों पर राज्य विवि सेवा से चयनित कुलसचिव और उपकुलसचिव को ही प्रभार सौंप सकते हैं। वावजूद इसके प्रदेश के आठ विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग ने राजनीतिक एप्रोच वाले प्रोफेसरों को प्रतिनियुक्ति पर कुलसचिव बना रखा है।

वर्षों से अटके हैं प्रमोशन
प्रदेशभर में सालों से प्रमोशन अटके हुए है। आखिरी बार उज्जैन विवि में कार्यरत उपकुलसचि सुभाष आर्य को कुलसचिव बनाया था। इसके बाद एक भी कुलसचिव का प्रमोशन नहीं हुआ है। इन दिनों प्रमोशन को लेकर सुप्रीम न्यायालय में याचिका लगी है।

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