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फिर घटाया जा सकता PF ब्याज दर, EPFO जल्द कर सकता है घोषणा

 नई दिल्ली
ईपीएफओ (EPFO) की तरफ से एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। कुछ महीने पहले ही इसकी ब्याज दरों में कटौती की गई थी। ईपीएफओ की ओर से इस पर विचार करने की वजह ये है कि निवेश पर रिटर्न लगातार घट रहा है, जिसके चलते प्रोविडेंट फंड पर दिए जाने वाले ब्याज (Provident Fund interest rate) को घटाने पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि यह ब्याज पहले 8.65 फीसदी थी, जिसे मार्च महीने में घटाकर 8.50 फीसदी किया गया और अब फिर से इसे घटाने पर विचार किया जा रहा है।
होने वाली है एक अहम बैठक
 सूत्रों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए ईपीएफओ का फाइनेंस विभाग, इन्वेस्टमेंट विभाग और ऑडिट कमेटी जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं। इसमें ये तय किया जाएगा कि ईपीएफओ कितना ब्याज दर देने की हालत में है। मार्च महीने की शुरुआत में नई ब्याज दर 8.5 फीसदी की घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक उसे वित्त मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल सकी है। श्रम मंत्रालय इसके बारे में तभी नोटिफाई करेगा, जब वित्त मंत्रालय इसे अपनी मंजूरी दे देता है।

कई जगह फंसे हैं ईपीएफओ के पैसे
 EPFO ने 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इसमें से करीब 4500 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉरपोरेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशल सर्विसेज में लगाए गए हैं। इन दोनों को ही भुगतान करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएचएफएल जहां बैंकरप्सी रिजॉल्यूशन प्रॉसेस से गुजर रही है, वहीं IL & FS को बचाने के लिए सरकारी निगरानी में काम चल रहा है।

PF पर ब्याज घटने का क्या असर?
 EPFO अपने ऐनुअल ऐक्रुअल्स का 85 प्रतिशत हिस्सा डेट मार्केट में और 15 प्रतिशत हिस्सा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के जरिए इक्विटीज में लगाता है। पिछले साल मार्च के अंत में इक्विटीज में EPFO का कुल निवेश 74,324 करोड़ रुपये का था और उसे 14.74% का रिटर्न मिला था। हालांकि सरकार को यह भी ध्यान में रखना होगा कि पीएफ पर ब्याज दर घटने से वर्कर्स का सेंटिमेंट खराब होगा।

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