भोपाल

बिना अनुमति स्थापित मोबाइल टॉवर होंगे नियमित, देना होगा समझौता शुल्क

मध्य प्रदेश में निजी भूमि, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम, आयोग आदि की भूमि पर मोबाइल टॉवर बिना अनुमति स्थापित हैं तो उन्हें हटाने की जगह समझौता शुल्क लेकर नियमित किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में पचास हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र में यह राशि बीस हजार रुपये होगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में बड़ी संख्या में मोबाइल टॉवर बिना अनुमति स्थापित हुए हैं। आवेदक इन्हें नियमित करने के लिए आवेदन भी कर रहे हैं, मगर नीति में ऐसे प्रकरणों के निराकरण का प्रविधान नहीं है। यदि टॉवर हटाने की कार्रवाई की जाती है तो संबंधित क्षेत्र में दूरसंचार सेवाएं बाधित होंगी। इसके पहले 2013 की नीति में लायसेंस शुल्क के रूप में दोगुना समझौता राशि लेकर नियमितीकरण किए जाने का प्रविधान रखा गया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति ने समझौता शुल्क लेकर नियमितीकरण करने के लिए 2019 की नीति में प्रविधान करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने की सिफारिश की थी।

बताया जा रहा है कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर बाकी निगमों में 40 हजार, नगर पालिका क्षेत्र में 35 हजार और नगर परिषद क्षेत्र में 30 हजार रुपये समझौता शुल्क लेकर मोबाइल टॉवर का नियमितीकरण किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में एनटीपीसी द्वारा बरेठी छतरपुर में प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए आवंटित भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

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