भोपालमध्यप्रदेश

बिलिंग संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिये विशेष शिविर लगायें

 भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ने ग्वालियर चंबल संभाग में विद्युत वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण के स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। ग्वालियर शहर सहित सभी जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिलिंग संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निष्ठा मीटर रीडिंग एप के माध्यम से मीटर रीडरों द्वारा ली जा रही रीडिंग की मॉनीटरिंग सतत् रूप से की जाए ताकि बिलिंग संबंधी शिकायतें हो ही नहीं।

प्रबंध संचालक ने कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग में खासतौर से भिण्ड, श्योपुर एवं ग्वालियर शहर में विक्रित यूनिट बढ़ाना होगा इसके लिए नये कनेक्शन दिए जाएं। एग्रीकल्चर फीडरों में लोड पोटेन्सियल को देखते हुए पम्प कनेक्शनों की संख्या को बढ़ाने के लिए नए कनेक्शन दिए जाएं और मौजूदा पम्प कनेक्शनों के लोड का परीक्षण कर सही लोड का मापन कर स्वीकृत किया जाए। यह निर्देश ग्वालियर-चंबल संभाग के मैदानी अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कंपनी मुख्यालय में सम्पन्न बैठक में दिए गए।

प्रबंध संचालक ने कहा कि सतर्कता चेकिंग तथा बिजनेस इंटेलीजेंस सेल की गतिविधियां ग्वालियर चंबल संभाग में बढ़ाने की जरूरत है ताकि एटीएण्डसी हानियों को कम किया जा सके। उन्होंने बकायादार उपभोक्ताओं (नॉन पेयी) से लगातार डोर-टू-डोर संपर्क करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं की यह आदत बन सके कि वह बिजली का बिल हर महीने भुगतान करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से संपर्क एवं संवाद रखा जाए ताकि विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाने और राजस्व संग्रहण में भी आवश्यक सहयोग मिल सके। कृषि उपभोक्ताओं के आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर बिलिंग प्रणाली के साथ शत-प्रतिशत जोड़े जाएं। इसके साथ ही घरेलू, गैर घरेलू एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के आधार एवं मोबाइल नंबर को जोड़ने का भी अभियान चलाया जाए। बिलिंग चक्र के अनुसार उपभोक्ताओं की बिलिंग की जाए। ऐसे वितरण केन्द्र, जो बिलिंग शेड्यूल के अनुसार नहीं चल रहे हैं, उनमें 30 जून तक सुधार किया जाए। कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए इंफॉरमेशन स्कीम लागू की गई है। इस स्कीम के अंतर्गत सूचनाकर्ता द्वारा दी गई सूचना पर विजिलेंस चेकिंग के दौरान बिजली चोरी साबित होने पर राजस्व वसूली का 10 प्रतिशत सफल सूचनाकर्ता को प्रदान किया जाएगा। कंपनी के नियमों के विपरीत जिन जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर ने अस्थाई कनेक्शन जारी किये हैं और उन कनेक्शनों पर बकाया राशि है, ऐसे मामलों की 30 जून तक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा उपरांत दोषी अधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व वसूली के लिए कॉमन सर्विस सेन्टर, एम.पी.ऑनलाइन और ऑनलाइन UPAY एप जैसे माध्यमों से उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाए ताकि राजस्व संग्रहण प्रभावी ढंग से हो सके। प्रबंध संचालक ने विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की और निर्देशित किया कि पात्रता वाले खराब तथा जले ट्रांसफार्मर 3 से 4 दिन के अंदर बदल दिए जाएं। ट्रांसफार्मर की असफलता दर 5 प्रतिशत तक सीमित की जाए और ट्रिपिंग (विद्युत अवरोध) की शिकायतें न्यूनतम होनी चाहिए।

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