बिहारराज्य

बिहार चुनाव में 94 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार है LJP, संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला

 
नई दिल्ली/पटना

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav 2020) को लेकर सभी प्रमुख सियासी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। एनडीए गठबंधन (NDA) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party)भी इस चुनाव में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही वजह है कि गुरुवार को पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) के नेतृत्व में संसदीय बोर्ड की अहम बैठक हुई। इसमें पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए। इस दौरान पार्टी ने स्पष्ट किया कि वो 94 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। पार्टी की ओर से कहा गया कि चिराग पासवान जो भी फैसला लेंगे, पार्टी पूरी तरह से उनके साथ है।

एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला
बिहार में बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी सहयोगी हैं, हालांकि, दोनों क्षेत्रीय दलों जेडीयू और एलजेपी के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। खास तौर से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों पर तालमेल को लेकर दोनों दलों में मतभेद नजर आ रहे हैं, जिससे सीटों का बंटवारा जटिल हो गया है। दूसरी ओर बीजेपी दोनों पार्टियों के बीच संबंधों को सहज बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। इस बीच एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान की अगुआई में उनके दिल्ली स्थिति आवास पर एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक हुई है।
 
पटना: बिहार चुनाव से ठीक पहले NDA के 'चिराग' यानि लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान नाराज हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि चिराग अपनी तीन मांगों पर अड़े हैं। क्या है चिराग की नाराजगी की असल वजह, क्या है चिराग की ये तीन मांगें? बता रहे हैं पटना से हमारे सहयोगी ऋषिकेश नारायण सिंह।

94 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार एलजेपी
इस बैठक के बाद पार्टी नेता राजू तिवारी ने कहा कि संगठन बिहार में विधानसभा की 94 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान जो भी फैसला लेंगे, पार्टी पूरी तरह से उनके साथ है। हमारे सभी प्रत्याशियों ने किसी भी स्थिति के लिए अपनी तैयारी कर रखी है। चिराग पासवान ने कहा है कि वो खुद सभी बूथ एजेंट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे।
 
बिहार एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं!
बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी ने पहले ही इस बात का ऐलान कर दिया है कि एनडीए गठबंधन बिहार विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा। इससे पहले एलजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि बीजेपी जो भी फैसला करेगी, एलजेपी उसके साथ रहेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में एलजेपी 42 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी थी, हालांकि उस समय नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ थे। इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है, बीजेपी-एलजेपी के साथ जेडीयू भी गठबंधन में है, ऐसे में सीट बंटवारे पर सभी की नजरें हैं। बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित हैं।
 
रामविलास पासवान का बड़ा बयान
वहीं केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संरक्षक राम विलास पासवान ने बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि बतौर पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान पार्टी के लिए कोई भी फैसला लेने को स्वतंत्र हैं, और इस मामले में वह कोई हस्तक्षेप नहीं करते हैं। पासवान हालांकि इस तरह के बयान आमतौर पर देते रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक के तौर पर एलजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच हाल में आई कड़वाहट को देखते हुए केंद्रीय मंत्री के इस बयान से कई सवाल पैदा होते हैं।

'चिराग कोई भी फैसला लेने को स्वतंत्र'
खासतौर से बिहार विधानसभा चुनाव के पहले लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तल्खी से एनडीए में एलजेपी के बने रहने को लेकर सवाल पैदा होने लगे हैं। रामविलास पासवान ने कुछ ऐसी ही कयासबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी के मामले में बतौर अध्यक्ष चिराग पासवान फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि चिराग पासवान जो भी फैसला लेंगे, उसमें वह साथ होंगे। इससे पहले पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की।

पासवान ने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा
रामविलास पासवान ने कहा कि मंत्री के तौर पर उनकी प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री के प्रति है। पासवान ने कहा कि वह सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते आए हैं और कोरोना काल में केंद्र सरकार देश के 81 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज बांट रही है। आज 81 करोड़ गरीब जनता प्रधानमंत्री के साथ है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज वितरण को पांच महीने आगे बढ़ात

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