छत्तीसगढ़

बुनकरों ने लॉकडाउन की चुनौतियों को भी एक बेहतर अवसर में बदला

रायपुर। ग्रामोद्योग जहां ग्रामीणों की आजीविका का आधार बना है वहीं कोरोना संक्रमण काल की विषम परिस्थितियों में भी रोजगार के सुअवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अग्रणी रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं एवं विपणन सहकारी संघ ने राज्य के 221 बुनकर सहकारी समितियों के करीब 7 हजार बुनकरों को लॉकडाउन के दौरान 8 करोड़ रूपए से अधिक राशि का मजदूरी भुगतान कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराया है।
विभागीय अधिकारी श्री बी. पी. मनहर ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ द्वारा राज्य के बुनकरों को लॉकडाउन की अवधि में सतत् बुनाई मजदूरी एवं बुनाई कार्य हेतु धागा प्रदाय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि  अप्रैल 2020 से जुलाई माह 2020 तक राज्य के 17 जिलों की 221 बुनकर सहकारी समितियों को 8 करोड़ से अधिक रुपए का भुगतान बुनाई मजदूरी के रूप में किया गया है। जिसके तहत जांजगीर-चांपा जिले की 47 बुनकर समितियों को एक करोड़ चार लाख रुपए, राजनांदगांव जिले की 35 बुनकर समितियों को दो करोड़ छह लाख, बालोद जिले की 35 बुनकर समितियों को दो करोड़ 71 लाख, रायगढ़ जिले की 16 बुनकर समितियों को चार लाख, गरियाबंद जिले की 14 बुनकर समितियों को 33 लाख, रायपुर जिले की 6 बुनकर समितियों को चार लाख, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की आठ बुनकर समितियों को 29 लाख, कांकेर जिले की 7 बुनकर समितियों को 30 लाख, बस्तर जिले की सात बुनकर समितियों को 19 लाख, बिलासपुर जिले की 10 बुनकर समितियों को 9 लाख, कोरबा जिले कीे 8 बुनकर समितियों को 19 लाख, दुर्ग जिले कीे 8 बुनकर समितियों को 24 लाख, महासमुंद जिले कीे पांच बुनकर समितियों को 2 लाख, धमतरी जिले की 9 बुनकर समितियों को 47 लाख, कोण्डागांव जिले कीे दो बुनकर समितियों को 2 लाख, मुंगेली जिले की एक बुनकर समिति को 2 लाख और कवर्धा जिले की एक बुनकर समिति को 3 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। श्री मनहर ने बताया कि इसके अतिरिक्त कोसा क्षेत्र की 20 बुनकर सहकारी समितियों से 47 लाख रुपए के कोसा वस्त्र क्रय कर रोजगार प्रदाय किया गया है।

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