भोपालमध्यप्रदेश

बुनियाद से उद्योग तक हर मोर्चे पर सरकार के सधे कदम, इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश

भोपाल
प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और विस्तार के लिए जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। वहीं टूरिज्म, उच्च शिक्षा और एमएसएमई जैसे विभागों से संबंधित बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों के माध्यम से प्रदेश के विकास से जुड़े तमाम सिग्मेंट पर सरकार खासी सक्रिय है।

प्रदेश के लोक निर्माण और कुटीर व ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि किसी भी प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की पहचान होता है। हमारे प्रदेश में भाजपा के शासन में जिस तेजी से सड़क, भवन व अन्य तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम हुआ है उसके बाद मध्यप्रदेश देश में विकसित राज्यों की श्रेणी में आया है। वर्ष 2003 के पहले कांग्रेस शासन के कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में न तो सड़कें थीं और न ही विकास के अन्य कार्य हो रहे थे। प्रदेश की जनता को उम्मीद ही नहीं थी कि विकास के जो पैमाने आज सामने हैं, वे उन्हें देखने को मिलेंगे।

मंंत्री भार्गव ने ये बातें राजधानी के मिंटो हाल में आयोजित इंफ्रास्ट्रक्चर कान्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने एसीएस आईसीपी केशरी और अन्य अधिकारियों व इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रतिनिधियों के बीच कहा कि प्रदेश में सड़क भवन समेत अन्य तरह के अधोसंरचना विकास के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। आडिटोरियम निर्माण की जरूरत प्रदेश के कई जिलों और छोटे स्थानों पर है जहां आबादी के अनुरूप आयोजन कराने के दौरान इनकी जरूरत होती है। इसके लिए लोग आए आएं और प्रदेश के विकास में सहयोग दें। उन्होंने सिंचाई, तकनीकी और अन्य सेक्टर में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए प्रदेश में जरूरतें बताईं।

 

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