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भारत करेगा कोरोना से लड़ने में दूसरे देशों की मदद 

 नई दिल्ली                                                          
जब कोरोना वायरस से देश में लड़ाई की शुरुआत हुई थी, तब भारत में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट्स का निर्माण नहीं होता था। पीपीई किट्स बनाने की ज्यादा इंडस्ट्रीज भी नहीं थीं, लेकिन महज कुछ ही महीनों के भीतर भारत ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां से वह अन्य देशों को पीपीई किट जल्द ही एक्सपोर्ट करेगा। यदि केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी तो फिर एक महीने में भारत दूसरे देशों को 50 लाख पीपीई किट एक्सपोर्ट कर सकेगा। 

कोरोना वायरस से हुए नुकसान की वजह से टेक्सटाइल इंडस्ट्री पीपीई किट्स के एक्सपोर्ट की मांग कर रही है। इंडस्ट्री का कहना है कि पर्याप्त संख्या से अधिक पीपीई किट्स के निर्माण की वजह से इन्हें दूसरे देशों को एक्सपोर्ट कर नुकसान को कम किया जा सकता है। क्लोथ्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मई में लगभग एक हजार फैक्ट्रियों के सर्वेक्षण में पाया कि कोरोना महामारी और मार्च के अंत में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से उद्योग का मुख्य आधार 84% के ऐतिहासिक निम्न स्तर पर पहुंच गया है।

सरकार ने पीपीई किट्स का एक्सपोर्ट 31 जनवरी को रोक दिया था। इसमें फायरफाइटर्स बुलेटप्रूफ जैकेट्स भी शामिल थीं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने सोमवार को मार्च में प्रतिबंधित विभिन्न प्रकार के कपड़े मास्क पर प्रतिबंध हटा दिया। वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा उपकरणों पर लगे प्रतिबंध को भी जल्द ही हटा लिया जाएगा।

कपड़ा और वाणिज्य मंत्रालयों के अधिकारियों ने शुक्रवार को कैबिनेट सचिव से मुलाकात कर प्रस्ताव पर चर्चा की है। एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले से परिचित लगभग 50 लाख पीपीई सूटों को निर्यात करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'कैबिनेट सचिव स्तर पर निर्णय लिया गया है। हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय द्वारा अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। ' मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि विभिन्न हितधारकों के बीच कई दौर की चर्चाएं हुई हैं और निर्यात की अनुमति देने का फैसला इस सप्ताह के अंत से पहले देने की संभावना है।

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