बिज़नेस

भारत ने जून महीने में 2,225 करोड़ रुपये के स्मार्टफोन इम्पोर्ट किये

नई दिल्ली
साल 2020 में स्मार्टफोन मार्केट ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखे और कोरोना वायरस लॉकडाउन का असर मार्केट पर भी पड़ा है। जून महीने में 3 साल में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड इम्पोर्ट भारत ने किया है। भारत का लगभग पूरा स्मार्टफोन मार्केट विदेशी कंपनियों पर निर्भर है और ऐसे में ज्यादातर डिवाइसेज विदेश से ही आते हैं। लोकल प्रोडक्शन पर लॉकडाउन में लगी लगाम के बाद दोबारा सेल्स शुरू हुई है और कंपनियां एक बार फिर कंज्यूमर्स तक पहुंचने में लगे हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स की ओर से शेयर किए गए डेटा के मुताबिक, फरवरी महीने में 5.6 करोड़ रुपये कीमत के डिवाइसेज इंपोर्ट किए गए थे। वहीं, जून महीने में भारत मंगवाए गए फोन्स की कीमत करीब 2,225.2 करोड़ रुपये है। यह मई में किए गए इंपोर्ट का करीब छह गुना है। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो जुलाई महीने में यह इंपोर्ट 10 गुना तक बढ़ सकता है। इंपोर्ट करने वाली कंपनियों में शाओमी, वीवो, ओप्पो और रियलमी सबसे ऊपर हैं।

लॉकडाउन की मजबूरी
काउंटरपॉइंट रिसर्च के असोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, 'स्मार्टफोन ब्रैंड्स को इस साल की दूसरी तिमाही में कई तरह की परेशानियों का सामने करना पड़ी और यही जून में तेजी से बढ़े इंपोर्ट की वजह बना है।' कोरोना वायरस से पहले भारत में बेचे गए करीब 95 प्रतिशत फोन भारत में लोकल प्लांट्स में असेंबल किए गए थे। उस दौरान बाहर से किए गए इंपोर्ट्स की वैल्यू करीब 5.6 करोड़ रुपये रही।

इंपोर्ट करने पड़े फोन
ज्यादातर स्मार्टफोन ब्रैंड्स वीवो, ओप्पो, रियलमी, वनप्लस और सैमसंग के भारत में अपने प्रोडक्शन प्लांट हैं। नोएडा और नॉर्थ इंडिया और साउथ में बने इन प्लांट्स में डिवाइसेज का प्रोडक्शन लॉकडाउन के दौरान ना होने के चलते कंपनियों को बने-बनाए फोन इंपोर्ट करने पड़े। सामान्य रूप से ये प्लांट्स विदेश से पार्ट्स मंगवाते हैं और फोन भारत में मैन्युफैक्चर होते हैं।

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