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भारत में किसको और कैसे वैक्सीन दी जाएगी, सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए

नई दिल्ली
पिछले करीब साल भर से कोरोना का कहर झेल रही दुनिया को वैक्‍सीन से उम्‍मीदें हैं। कई टीके आ गए हैं और रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भारत में भी तीन-चार कोविड टीके उपलब्‍ध कराने की कवायद चल रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।गाइडलाइंस में ये बताया गया है कि भारत में किसको और कैसे वैक्सीन दी जाएगी। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत अगले साल जुलाई तक प्राथमिकता के आधार पर पहले चरण में कोविड-19 के 250-300 मिलियन लोगों का टीकाकरण होगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड टैली का ग्राफ 98,57,029 तक बढ़ गया है, इनमें से 9,357,464 मरीज अस्पतालों से ठीक हो गए वही कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 143,019 हो गया है। भारत में विकास के विभिन्न चरणों में 9 कोरोना वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं और इनमें से तीन प्री क्लिकल ट्रायल में हैं जबकि छह अंडर क्लिकल ट्रायल में हैं। आइए जानते हैं क्या कहती है केन्द्र सरकार की कोरोना वैक्सीन की गाइडलाइंस..

  • – सबसे पहले कोरोना वैक्सीन देने की प्राथमिक तैयारी हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 50 साल से ऊपर के लोगों को होगी। वहीं इसको 50 वर्ष से कम आयु के लोगों द्वारा महामारी की स्थिति के आधार पर कॉम्बिडिटी के साथ किया जाएगा। इसके बाद वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर शेष आबादी का टीकाकरण किया जाएगा।
  • -वैक्सीनेशन के लिए 50 वर्ष से अधिक आयु के प्राथमिकता समूह को फिर से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में और उन लोगों को 50 से 60 वर्ष की आयु के बीच में विभाजित किया जा सकता है, जो महामारी की स्थिति और टीके की उपलब्धता के आधार पर वैक्सीन के रोलआउट के लिए निर्धारित किया जाएगा।
  • – वैक्सीनेशन के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए नवीनतम मतदाता सूची का उपयोग 50 वर्ष या अधिक आयु वर्ग की जनसंख्या की पहचान करने के लिए किया जाएगा।
  • – केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक भारत में कोरोना वैक्सीन आने पर हर सेशन में पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। हर सेशन में इनके लिए अलग से वैक्सिनेशन साइट फिक्स की जाएगी। इसके अलावा हाई रिस्क वाले लोगों के लिए भी अलग से मोबाइल साइट और टीमें बनाई जाएंगी।
  • -पहले से पंजीकृत लाभार्थियों को प्रति सत्र वैक्सीनेशन के बाद केवल 100 पंजीकृत लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
  • -कोविड -19 वैक्सीन को जिला, ब्लॉक और नियोजन इकाइयों में सभी प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही पेश किया जाएगा।
  • -केंद्र सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस वैक्सीन देने की प्रक्रिया चुनाव की तरह होगी। हर वैक्सीन साइट पर 5 वैक्सीन ऑफिसर होंगे। इनमें एक सुरक्षाकर्मी, एक अधिकारी वेटिंग, एक वैक्सीनेशन और एक निगरानी के लिए होगा।'
  • -पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना या नेहरू युवा केंद्र संगठन के कम से कम एक व्यक्ति के साथ 1 वैक्सीनेशन अधिकारी होगा जो एंट्री गेट पर लाभार्थी के पंजीकरण की स्थिति की जांच करेगा।
  • -टीकाकरण अधिकारी के साथ ही 2 सत्यापनकर्ता होंगे जो पहचान दस्तावेजों को प्रमाणित या सत्यापित करेंगे, जबकि टीकाकरण अधिकारी और भीड़ प्रबंधन, सूचना शिक्षा और संचार के लिए जिम्मेदार दो-सहायक कर्मचारी होंगे।
  •  
  • -एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोविड -19 वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन)का उपयोग वास्तविक समय के आधार पर टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध लाभार्थियों और कोविद -19 टीकों को ट्रैक करने के लिए किया जाएगा।
  • -वैक्सीनेशन के बाद मौजूदा प्रतिकूल घटना (AEFI) निगरानी प्रणाली का उपयोग निगरानी और वैक्सीन की सुरक्षा प्रोफ़ाइल की समझ निर्धारित करने के लिए किया जाएगा।
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