विदेश

भ्रष्टाचार, कोरोना, बेरोजगारी ओली सरकार के खिलाफ सड़कों पर छात्र

काठमांडू
एक ओर जहां भारत से सीमा विवाद को लेकर नेपाल सरकार कड़े तेवर दिखा आ रही है, वहीं अपनी ही जनता के सामने भ्रष्टाचार के आरोप झेल रही है। काठमांडू में छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए और कोरोना वायरस महामारी की स्थिति से निपटने की अयोग्यता के लिए सरकार की आलोचना भी की। सैकड़ों छात्रों ने केपी शर्मा ओली सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सरकार नहीं उठा रही कदम
छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार में कोरोना वायरस की स्थिति से निपटने की योग्यता नहीं है और बुरी तरह झेल रहे स्थानीय बिजनस को सहारा देने और अहम कदम उठाने की बेहद कमी है। युवाओं ने कहा कि सरकार बेरोजगारी खत्म करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठा रही है और आम आदमी का सम्मान गिरता जा रहा है। काठमांडू के बनेश्वर में प्रदर्शन कररहे छात्रों के समूहों ने सरकार कोरोना को लेकर ज्यादा जिम्मेदार होने की मांग की है।

सामने रखीं मांगें
इनकी मांग है कि PCR टेस्ट किए जाएं, हर तरह के रिस्क के लिए चार-चरण की योजना लागू की जाए, फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स और हॉस्पिटल वर्कर्स को सुरक्षा दी जाए और COVID-19 पॉजिटिव या संदिग्ध होने पर भेदभाव के खिलाफ कानूनी सहायता दी जाए। इन लोगों ने दिहाड़ी मजदूरों, घर लौटे प्रवासियों, गरीब और पिछड़े तबकों के लिए राहतकार्य करने और COVID प्रबंधन के बजट और खर्च संबंधी डीटेल सबके साथ शेयर करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को पारदर्शी होना चाहिए।

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