बिहारराज्य

मनोज तिवारी “मैं शहीद सुनील के बच्चों की ज़िम्मेदारी लेता हूं “

 पटना
बिहार के लाल सुनील कुमार भारत-चीन सीमा पर शहादत देकर अमर हो गए। अब बिहटा में उनके गांव तारानगर में लोगों का आना-जाना लगातार हो रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और अभिनेता मनोज तिवारी ने भी उनके घरवालों के लिए एक ऐलान किया है।

शहीद के बच्चों की जिम्मेदारी लेंगे मनोज तिवारी
अभिनेता से नेता बने और दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके मनोज तिवारी ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है 'ऐसे ही जाँबाज़ों से गर्वित है तिरंगा, सुरक्षित है भारत भूमि.. मैं शहीद सुनील के बच्चों की ज़िम्मेदारी लेता हूं और परिवार से मिलने आ रहा हूं 22 जून को

शहीद सुनील की जांबाजी
एलएसी में चीन के सैनिकों से साथ हुई झड़प में बिहार के पटना जिला निवासी सुनील कुमार ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पटना जिले के बिहटा थानांतर्गत तारानगर के सपूत 35 वर्षीय सुनील कुमार चीन से लगने वाली भारतीय सीमा पर गलवान घाटी में तैनात थे। अचानक चीनी सैनिकों ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में भी बहादुरी का परिचय देते हुए बिहार रेजिमेंट के हवलदार सुनील ने चीनी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए। बहादुर सुनील की जांबाजी से घबराए चीनी सैनिकों ने धोखे से इनपर पीछे से हमला कर दिया। इसमें सुनील शाहीद हो गए।

2002 में सुनील कुमार ने जॉइन की थी आर्मी
मिली जानकारी के मुताबिक, शहीद सुनील ने वर्ष 2002 में आर्मी जॉइन की थी। उनकी शादी 2003 में अरवल जिले के सकरी की रितिका देवी के साथ हुई थी। वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्री छोड़ गए हैं। घर में मां 80 वर्षीय रुक्मिणी देवी और 85 वर्षीय पिता वासुदेव साव रहते हैं। इनके बड़े भाई अनिल कुमार भी आर्मी में थे। फिलवक्त अवकास प्राप्त करने के बाद दानापुर में रहते हैं।

बहन को भाई की शहादत पर गर्व
सुनील की दो बहन ललिता देवी और राधा देवी हैं, जो अपनी अपनी ससुराल में रहती हैं। छोटे भाई की शहादत की खबर सुन तारा नगर पहुंची बहन राधा कहती हैं कि भाई की शहादत पर उन्हें गर्व है। उन्होंने सरकार से चीनी सामानों पर प्रतिबंध लगाने और युद्ध में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की है।

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