छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों से की चर्चा, जाना स्वास्थ्य का हाल

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के सात जिलों में स्थित वृद्धाश्रमों के बुजुर्गों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर उनका हाल-चाल पूछा। बुजुर्गों के स्वास्थ्य, वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण रोजमर्रा के जीवन में परिवर्तन आया है। आज सबसे बड़ी आवश्यकता सुरक्षित रहने की है।

मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से चर्चा के दौरान कहा कि मैं अपने परिवार के सियान लोगों से मिल रहा हूं। वे स्वस्थ्य और वृद्धाश्रम में खुश हैं, यह देखकर अच्छा लगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से बातचीत की और बातचीत की शुरूआत में उन्हें प्रणाम किया। बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया। वे इस बात से खुश थे कि प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल ने स्वयं परिवार के सदस्य की भांति उनकी सुध ली।

बुजुर्गों से बातचीत के दौरान भावुकता के क्षण भी आए। जब श्री बघेल ने उनसे पूछा कि आपके परिवार के लोग उनसे मिलने आते हैं क्या। बुजुर्गों ने नम आंखों से कहा कि समय-समय पर परिवार के लोग मिलने आते हैं। जांजगीर के देव समिति की बुजुर्ग महिला श्रीमती पूर्णिमा थवाईत ने बताया कि वे पिछले 15 सालों से वृद्धाश्रम में रह रही है। परिवार के लोग उनसे बीच-बीच में मिलने आते हैं। मुख्यमंत्री ने जब उनसे पूछा कि आश्रम की साफ-सफाई कैसी है, तो पूर्णिमा थवाईत ने कहा कि बढि?ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्वयं आकर वृद्धाश्रम की व्यवस्था देखने के लिए आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से वृद्धाश्रम की दैनिक गतिविधियों और कोरोना से बचाव के लिए अपनायी जा रही सावधानियों का भी जायजा लिया।

श्री बघेल ने बुजुर्गों से कहा कि बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण की ज्यादा संभावना रहती है। बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में बाहर से आने वाले लोगों से मास्क लगाकर दूर से बात करें, सेनेटाईजर का उपयोग करें, साबुन से हाथ धोते रहे और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निदेर्शों का लोगों ने पालन किया है। जिसके कारण छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में काफी हदतक सफलता मिली।

मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के ग्राम भिलाई में प्रेरक संस्था द्वारा संचालित सियान सेवा सदन, मुंगेली में छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, राजनांदगांव में समता मंच द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, रायगढ़ और बस्तर में भारतीय रेडक्रास सोसायटी, बिलासपुर में जनपरिषद द्वारा और जांजगीर-चांपा में देव सेवा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम के वृद्धजनों से बातचीत की। गरियाबंद के भिलाई ग्राम के सियान सेवा सदन की वृद्ध महिला श्रीमती मीरा बाई साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि वृद्धाश्रम में अच्छी व्यवस्था है, सभी लोग स्वस्थ्य है। चाय और नश्ता समय पर मिलता है, समय-समय पर डॉक्टर भी आते हैं, दवाई मिलती है। इसी वृद्धाश्रम की श्रीमती दुलारी बाई से मुख्यमंत्री ने पूछा कि वृद्धाश्रम में काम करने वाले कर्मचारियों से परेशानी तो नही है, उनका व्यवहार आप के साथ कैसा है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। मुंगेली के वृद्धाश्रम के श्री सदानंद सोनी ने बताया कि वृद्धाश्रम आश्रम में साफ-सफाई अच्छी, दवा-पानी सब मिलता है, बिस्तर और कपड़े की साफ-सफाई होती है। कर्मचारी सेवा भाव से उनकी देखभाल कर रहे हैं।

राजनांदगांव वृद्धाश्रम की श्रीमती दुरपति ने बताया कि सभी लोगों का स्वास्थ्य अच्छा है, सबेरे नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना समय पर मिलता है। बस्तर के आस्था निकुंज वृद्धाश्रम की श्रीमती राधा बाई और श्रीमती ऊषा बाई ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक है। उन्होंने बताया कि आश्रम की सभी व्यवस्थाएं ठीक चल रही है और कोई दिक्कत नहीं है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि?ा, विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर. और संचालक श्री पी. दयानंद भी उपस्थित थे।

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