बिहारराज्य

 मुजफ्फरपुर में बागमती ने दी थोड़ी राहत, चंपारण में गंडक ने बढ़ाई चिंता

 मुजफ्फरपुर                                                                                                                                                                                         
नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से उत्तर बिहार के कई इलाकों में गंडक व बूढ़ी गंडक उफनाने लगी है। चंपारण के दियारावर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। यद्यपि मुजफ्फरपुर-मिथिलांचल में रविवार को नदियों का पानी स्थिर रहा। मुजफ्फरपुर के गायघाट में आधा दर्जन जगहों पर बागमती से कटाव का दौर थम गया है।  

वाल्मीकिनगर बराज से रविवार को 1.63 लाख क्यूसेक पानी गंडक में डिस्चार्ज किया गया। पश्चिम चंपारण के कई हिस्सों में गंडक का पानी लगातार बढ़ रहा है। दियारावर्ती इलाके के लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती के जलस्तर में 24 घंटे में 25 सेंमी की कमी आयी है। नदी लाल निशान से छह सेमी नीचे है। केंद्रीय जल आयोग ने बागमती का जलस्तर 48.62 मीटर रिकार्ड किया,यहां बागमती में खतरे का निशान 48.62 पर है। मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 24 घंटे में 30 सेंमी की वृद्धि हुई है। यहां जलस्तर 46.42 मीटर रिकार्ड किया गया जबकि खतरे का निशान 52.53 मीटर पर है।                                                                                                                                                                       

मुजफ्फरपुर के रेवाघाट में गंडक के जलस्तर में छह सेमी की बढ़ोतरी हुई है। रविवार को यहां जलस्तर 53.10 मीटर  रिकार्ड किया गया, यहां खतरे का निशान 54.41 पर है। कटरा और औराई में बागमती के जलस्तर में थोड़ी कमी होने से पानी चौर में लौटने लगा है। पानी घटने से तीन दिनों से हो रहा कटाव बंद हो गया है। उधर, पूर्वी चंपारण के चकिया में गंडक का जलस्तर 64.81 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 70.04 मीटर पर है। लालबकेया गुआबारी में जलस्तर 69.89 मीटर रिकार्ड हुआ, यहां खतरे का निशान 70.04 मीटर पर है।

मिथिलांचल में नदियां लाल निशान से नीचे 
दरभंगा में नदियों का जलस्तर घटने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 21 जून की शाम 4 बजे तक बागमती का जलस्तर बेनीबाद में खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे 48.42 मीटर दर्ज किया। हायाघाट में यह नदी 42.91 मीटर पर लगातर स्थिर है। उधर, अधवारा नदी कमतौल में 46.50 मीटर एवं एकमीघाट में 43.23 मीटर पर बह रही है। इसी तरह कमला नदी का जलस्तर सोनवर्षा (सीतामढ़ी) में 79.43 मीटर, जयनगर में 67.20 मीटर पर एवं झंझारपुर में  48.70 मीटर है।

मधुबनी में कमला, कोसी, बलान एवं अधवारा समूह की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे रहीं। कमला नदी झंझारपुर में खतरे के निशान से करीब 42 सेंटीमीटर नीचे थी। समस्तीपुर के सरारी में रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 41.06 मीटर था। अभी गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे है।

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