ग्वालियरमध्यप्रदेश

मुरैना शराब कांड : CM शिवराज ने कलेक्टर और SP को हटाया, SDOP निलंबित, अब तक 20 की मौत

ग्वालियर/मुरैना
मुरैना जिले के तीन गांवों में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया है। इनके साथ ही जौरा के एसडीओपी को भी हटा दिया गया है। सीएम ने मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। शराब पीने वाले अब अस्पतालों में आ रहे हैं इन लोगों का कहना है कि लगातार मौत की खबरें मिलने के बाद कुछ डर गए हैं और कुछ तबीयत भी खराब है।

जहरीली शराब बनाने और बेचने वालों के परिवार में भी मौतें हुई हैं। सात लोग मुरैना और ग्वालियर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शराब बनाने व बेचने वाले सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना के आबकारी अधिकारी जावेद अहमद एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बागचीनी थाना प्रभारी अविनाश सिंह राठौर को निलंबित कर दिया। दतिया की जिला आबकारी अधिकारी निधि जैन को मुरैना का भी प्रभार सौंपा गया है। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क पर शवों को रखकर जाम भी लगाया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजातिया को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एसडीओपी को निलंबित किया गया है।

कलेक्टर अनुराग वर्मा ने दोषियों पर कार्रवाई के अलावा आर्थिक मदद का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया। मौके पर ही 10-10 हजार की आर्थिक मदद दी गई। इसके बाद लोग दाह संस्कार के लिए राजी हुए। गांववालों के मुताबिक छैरा के अलावा मानपुर पृथ्वी गांव इलाके में अवैध शराब की भट्टी से सप्लाई की गई जहरीली शराब पीने के बाद क्षेत्र में लोगों की हालत बिगड़ना शुरू हुई। इन्होंने ओपी केमिकल से बनी हुई शराब पी थी।

मानपुर पृथ्वी गांव से शराब पीकर गए पहावली गांव के बंटी गुर्जर (27), उसके छोटे भाई जितेन्द्र गुर्जर (22) और चाचा रामनिवास गुर्जर (32) ने दो घंटे के अंतराल में दम तोड़ दिया था। पुलिस ने जहरीली शराब बनाने के मामले में गिर्राज पुत्र अमर सिंह किरार और उसका बेटा राजू को मुख्य आरोपित बनाया है। गांव के रामवीर राठौर व उसके बेटे प्रदीप राठौर पर इस जहरीली शराब को बेचने के आरोप हैं। शराब से बड़ी संख्या में मौत को लेकर लोगों के गुस्से को देखते हुए गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल गया।

जहरीली शराब से लगातार मौतें

  • 2 मई 2020 को रतलाम के पचेड़ और भड़वासा गांव में 4 मौतें
  • 6 सिंतबर 2020 को दिवानिया गांव में 2 मौतें
  • 15 अक्टूबर को उज्जैन में 14 मजदूरों की मौत
  • 7 जनवरी 2021 को खरगोन के देवला गांव में 2 मौतें
  • 12 जनवरी 2021 को मुरैना में 16 मौतें
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