भोपालमध्यप्रदेश

म.प्र. मेट्रो रेल कंपनी अब होगी “म.प्र. मेट्रो रेल कॉरपोरेशन”

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में 'मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड' का नाम अब 'मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड' में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव को विधिवत स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी को बोर्ड बनाए जाने के संबंध में भारत सरकार, मध्यप्रदेश सरकार एवं मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के बीच 19 अगस्त 2019 को त्रिपक्षीय एम.ओ.यू. साइन किया गया था।

मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि इस संबंध में आगामी कार्यवाहियां तत्परता के साथ पूर्ण की जाएं, जिससे प्रदेश के इंदौर-भोपाल शहरों में मेट्रो रेल के कार्य को गति प्रदान कर लक्षित समय 3 से 4 वर्ष में पूर्ण किया जा सके। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, कंपनी के एम.डी. नीतेश व्यास उपस्थित थे।

नए बोर्ड में 5 डायरेक्टर्स होंगे

एम.डी. नीतेश व्यास ने बताया कि त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार की प्रोजेक्ट में बराबर भागीदारी के लिए बनाए जा रहे नए बोर्ड में भारत सरकार के 5 संचालक तथा मध्यप्रदेश सरकार के 5 संचालक (प्रबंध संचालक सहित) शामिल होंगे। मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास के आयुक्त इसके प्रबंध संचालक होंगे तथा प्रमुख सचिव वित्त, राजस्व, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय विकास विभाग इसके संचालक होंगे।

मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित करने की कार्रवाई

मेट्रो रेल के निर्माण के लिए भारत सरकार के मेट्रो रेल अधिनियमों के अंतर्गत मेट्रो निर्माण क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में बैठक में इंदौर एवं भोपाल मेट्रो क्षेत्रों को 'मेट्रोपोलिटन क्षेत्र' घोषित किए जाने संबंधी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया।

भोपाल, इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की अद्यतन स्थिति

    दिनांक 12 जनवरी 2017 को मध्यप्रदेश सरकार की स्वीकृति उपरांत भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्य मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रारंभ कर दिया गया।

    भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को 11 सितम्बर 2018 को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) तथा 3 अक्टूबर 2018 को केन्द्रीय केबिनेट की स्वीकृति मिली।

    दिनांक 19 अगस्त 2019 को भारत सरकार, मध्यप्रदेश सरकार तथा मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय समझौता हस्ताक्षरित हुआ।

    दिनांक 14 सितम्बर 2019 को इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई।

    दिनांक 26 सितम्बर 2019 को भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई।

    दिनांक 14 नवम्बर 2019 को 'यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक' द्वारा भोपाल मेट्रो के लिए ऋण (कुल प्रस्ताव-3493.34 करोड़ रूपए) स्वीकृत किया तथा 10 दिसम्बर 2019 को इस संबंध में वित्तीय समझौता हुआ।

    दिनांक 2 दिसम्बर 2019 को 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए ऋण (कुल प्रस्ताव- 3 हजार 200 करोड़ रूपए) स्वीकृत किया गया।

    22 दिसम्बर 2017 को मेसर्स डीबी इंजीनियरिंग एण्ड कंसलटिंग जीएमबीएच (जर्मनी) तथा उसकी सहयोगी कम्पनियों मेसर्स लूईस बर्गर एसएएस (यूएसए) तथा मेसर्स जियो डाटा इंजीनियरिंग एसपीए (इटली) को प्रोजेक्ट का जनरल कंसलटेंट बनाया गया।

    दिनांक 1 नवम्बर 2018 को भोपाल एवं इंदौर मेट्रो के पहले सिविल कार्य के लिए कॉन्ट्रेक्ट एग्रीमेंट किया गया। इसके अनुसार भोपाल मेट्रो के अंतर्गत 247 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से 6.22 किलोमीटर लम्बी वायाडक्ट (रेलवे पुल) तथा इंदौर मेट्रो कार्य के अंतर्गत 228 करोड़ 96 रूपए की लागत से 5.29 किलोमीटर लम्बी वायाडक्ट (रेलवे पुल) बनाए जाएंगे।

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