उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी कैबिनेट फैसला : आईटीआई प्रशिक्षु को हर महीने छह हजार रुपए

 लखनऊ 
आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेन्टिसशिप पर रखने वाले निजी उद्योगों व सार्वजनिक उपक्रमों को उत्तर प्रदेश सरकार अपनी तरफ से एक हजार और केन्द्र सरकार से 1500 रुपए के अंशदान के साथ ढाई हजार रुपए महीना देगी। इससे प्रदेश के करीब एक लाख आईटीआई प्रशिक्षत युवक निजी उद्योगों व सार्वजनिक उपक्रमों से प्रति माह छह हजार रुपए तो एक साल तक पाएंगे। साथ ही वहां स्थाई नौकरी पाने के मौके भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। आईटीआई प्रशिक्षत युवक को निजी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम अपने यहां अप्रेन्टिसशिप पर रखते हैं तो उन्हें केन्द्रीय कौशल विभाग की ओर से प्रति प्रशिक्षु के हिसाब से 1500 से रुपए महीने दिया जाता है। केन्द्र सरकार की इस योजना के साथ अब प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत अपने को जोड़ लिया है। इस योजना के तहत सरकार ने एक लाख आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं कम से कम एक साल के लिए तो राहत दे ही दी। इसके साथ ही उद्योग इन युवाओं को अपने यहां स्थाई रूप से नौकरी देने का मौका भी दे सकते हैं।

इस साल फरवरी में इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उद्योगों  के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि ढाई हजार केंद्र व राज्य सरकार से पाने के बाद वे न्यूनतम छह हजार रुपए महीना प्रशिक्षु को देंगे। 

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